14 साल का सुपारी किलर

Image caption मेक्सिको में पिछले कुछ समय से सेना और ड्रग गिरोहों के बीच लड़ाई छिड़ी हुई है.

मेक्सिको में एक 14 साल के किशोर और उसकी बहन को वहां नशीली दवाओं के गिरोहों का सुपारी किलर होने के संदेह में गिरफ़्तार किया गया है.

एडगर जिमेनेज़ उर्फ़ एल पोंचिस नाम का ये लड़का अपनी दो बहनों के साथ अमरीका जाने वाले विमान पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था जब उसकी गिरफ़्तारी हुई.

मेक्सिको की सेना का आरोप है कि अपने मालिकों की ओर से दी गई नशीली दवाओं के प्रभाव में ये लड़का कई लोगों के सिर काट चुका है.

सेना के सूत्रों का कहना है कि उसकी बहन का काम था मारे गए लोगों के शवों को ठिकाने लगाना.

मेक्सिको की मीडिया के अनुसार इस लड़के ने स्वीकार किया है कि नशीली दवाओं के बदले में वो कई लोगों की हत्या कर चुका है.

11 साल में अपहरण

उसने बताया है कि 11 साल की उम्र में उसका अपहरण कर लिया गया था और मौत की धमकी देकर ज़बरदस्ती उसे नशीली दवाओं के गिरोह के लिए काम करवाया गया.

रिफ़ॉर्मा नामके अख़बार के साथ बातचीत में इस लड़के ने कहा, “मुझे बुरा लगता था इन लोगों को मारना. लेकिन मुझसे ये ज़बरन करवाया जाता था. यदि मैं ये हत्याएं नहीं करता तो वो मुझे मार देते.”

उसका कहना था, “मैं केवल उनके सिर काट देता था..उन्हें पुल पर कभी नहीं लटकाता था.”

मेक्सिको के गिरोह अक्सर भीड़भाड़ वाले चौराहों के पास शवों को पुल से लटका देते हैं जिससे उनका ख़ौफ़ चारों ओर फैले.

मेक्सिको में नशीली दवाओं के गिरोह ग़रीब नौजवानों को ज़बरदस्ती अपने गुटों में शामिल करने के लिेए जाने जाते हैं.

अधिकारियों का कहना है कि इस किशोर ने भी उन्हें ख़ासा परेशान कर रखा था.

मेक्सिको में नशीली दवाओं से जुड़े गिरोहों के साथ चल रही लड़ाई में 2006 से अबतक लगभग 30,000 लोग मारे जा चुके हैं.

अमरीका के लिए भी ये भारी सरदर्द बना हुआ है क्योंकि इसका असर अब उसके सीमावर्ती इलाकों में नज़र आने लगा है.

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