बाघ की मौत ज़हर देने से हुई थी

बाघ
Image caption छह साल पहले तक सरिस्का में बाघों की दहाड़ सुनाई दिया करती थी

राजस्थान में सरिस्का के जंगलों में पिछले माह मरे पाए गए बाघ एसटी-1 की मौत स्वभाविक नहीं थी बल्कि उसे किसी ने ज़हर दिया था.

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है.

अधिकारियों के अनुसार शक की सुई स्थानीय ग्रामीणों पर घूम रही है और इस बारे में एक व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है. रणथंभौर से लाकर सरिस्का में आबाद किये जाने वालो में एसटी-1 सबसे पहला बाघ था.

पिछले दो सालों में पांच बाघों का सरिस्का में पुनर्वास किया गया है ताकि सरिस्का में बाघों की दहाड़ फिर से सुनाई दे सके.

जाँच के आदेश

राज्य के वन सचिव वीएससिंह ने कहा, "ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. बाघ को ज़हर देने की पुष्टि हो गई है,हमने यह जांच करने का आदेश दिया है कि इसमें किसका हाथ है."

इस बाघ पर रेडियो कॉलर लगा था, मगर इससे कोई संकेत नहीं मिले तो अधिकारियों ने जंगल में ख़ाक छाननी शुरू की. इसी मुहीम में बाघ एसटी-1 चौदह नवंबर को जंगल में मारा हुआ पाया गया.

अधिकारियों को लगता है कि स्थानीय लोगों ने इस बाघ को ज़हर देकर मारा है.

इससे पहले रणथंभौर अभ्यारण्य में इस साल मार्च माह में दो बाघ शावकों के शव पड़े पाए गए थे.

जब इसकी जाँच की गई तो पता चला कि ग्रामीणों ने इन नन्हें शावकों को अपने पालतू जानवर मारने की सज़ा दी है.

पुलिस ने इस बारे में दो लोगों को गिरफ्तार किया था.

सरिस्का का संकट

वन्य जीव प्रेमी महेंद्र कछावा ने बीबीसी से कहा, "अब समाज और सरकार को प्राथमिकता तय करनी होगी कि उन्हें जंगल में बाघ चाहिए या पालतू पशु."

उन्होंने कहा, "अब ग्रामीण बाघ की ख़ातिर अपने जानवरों की मौत बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं क्योंकि जानवर महंगे हो गए हैं और ना जाने क्यों ग्रामीणों का जंगल के राजा के प्रति मोह घट गया है.ये बहुत दुखद है."

सरिस्का में जंगली जानवरों के वैज्ञानिक रख रखाव का इतिहास एक सदी पुराना है.

अरावली की पहाड़ियों में पसरे इस अभ्यारण्य में छह साल पहले तक कोई 14 बाघ विचरण करते थे. फिर एक दिन व्यवस्था के कारिंदे बाघों की गिनती करने निकले तो पता चला सरिस्का के जंगल बाघों से बाँझ हो गये हैं.

किसी शिकारी ने एक-एक कर जंगल के राजा की जान ले ली.

अब अधिकारियों ने फिर से सरिस्का को बाघों से आबाद करने का बीड़ा उठाया है मगर इसमें भी बाघ की मौत की ख़बर सुनने को मिली है.

सरकार ने अपने दो वन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.

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