ग़ायब विस्फोटकों के मामले में आरोप पत्र

Image caption इन कम्पनियों को खनन और औद्योगिक उपयोग के लिए बारूद के व्यापार का लाइसेंस मिला हुआ था.

राजस्थान की पुलिस ने धौलपुर की राजस्थान एक्स्प्लोसिव्स एंड केमिकल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बीडी अग्रवाल सहित चार लोगों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाख़िल किया है.

पुलिस के मुताबिक, बारूद की इस फ़ैक्ट्री ने संगम और गणेश नामकी दो कम्पनियों को उनके लाइसेंस में वर्णित सीमा से कोई छ लाख किलोग्राम अधिक विस्फोटक सप्लाई किए.

पुलिस ने इस फैक्ट्री के बीडी अग्रवाल सहित चार बड़े अधिकारियों को तीन माह पहले गिरफ़्तार किया था.

अब पुलिस ने इन सभी के ख़िलाफ भारत के एक्स्प्लोसिव्स क़ानून का उल्लंघन करने और आपराधिक षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है.

इस फैक्ट्री के प्रबंधन ने इन आरोपों को ग़लत बताया है.

पुलिस की सी आई डी शाखा के उप अधीक्षक राजेंन्द्र सिंह शेखावत ने बीबीसी से कहा, “अभी कुछ और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी”.

''हम ये भी पता लगा रहे है कि इन सबका भुगतान गुजरात के राजकोट में ही क्यों किया गया. पुलिस को पता चला है कि भुगतान के बैंक ड्राफ्ट राजकोट में तैयार होते थे”.

पुलिस के मुताबिक संगम और गणेश एक्स्प्लोसिव्स नामक कम्पनियों के संचालक पहले ही गिरफ्तार किये जा चुके है.

पुलिस ने हिसाब लगाया कि फैक्ट्री ने इन कम्पनियों में से संगम को दो लाख दस हज़ार और गणेश को तीन लाख 96 हज़ार किलोग्राम से ज़्यादा बारूद पहुंचाया गया.

इसके बदले कोई चार करोड़ रूपये का भुगतान किया गया था.

इन कम्पनियों को खनन और औद्योगिक उपयोग के लिए बारूद का व्यापार करने का लाइसेंस मिला हुआ था.

लेकिन पुलिस का कहना है कि धौलपुर की फैक्ट्री और इन दोनों कम्पनियों ने न केवल लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया बल्कि आपराधिक षड्यंत्र भी किया.

ये सामग्री इन दो लाइसेंसी कम्पनियों के नाम कोई 160 ट्रको में भरकर धौलपुर से रवाना की गई मगर पुलिस का कहना है कि ये अपने नियत ठिकानों पर नहीं पहुंची.

इसका खुलासा तब हुआ जब मध्य प्रदेश में सागर की पुलिस ने इन कम्पनियों के गोदामों की तलाशी की.

तब से दोनों राज्यों की पुलिस इस बारे में जाँच पड़ताल कर रही है.

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