वाराणसी में धमाका, भारत में हाई अलर्ट

वाराणसी का शीतला घाट

वाराणसी के दशाश्वमेध के पास शीतला घाट पर मंगलवार शाम को हुए एक बम विस्फोट में एक बच्ची की मौत हो गई है और 34 लोग घायल हुए हैं.

इसके बाद उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों समेत देश के कई शहरों में अत्याधिक सतर्कता की घोषणा की गई है.

मुख्यमंत्री मायावती ने देर रात घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने केंद्र से सुरक्षा के लिए विशेष बल की मांग की है.

इससे पहले उत्तर प्रदेश में नवंबर 2007 में लखनऊ, फ़ैज़ाबाद, वाराणसी में लगभग एक ही समय में धमाके हुए थे और उससे पहले मार्च 2006 में वाराणसी में भीषण विस्फोट हुए थे.

पुलिस का कहना है कि वाराणसी से होकर गुज़रने वाली सभी ट्रेनों में पुलिस एसकॉर्ट पार्टियों को सूचित कर दिया गया है और उन्होंने ट्रेनों के अंदर छानबीन शुरु कर दी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ये भी कहा है कि प्रमुख जगहों और भीड़-भाड़ वाले इलाक़ों में कचरे के ढेर और डस्टबिन की तलाशी ली जा रही है.

तस्वीरें: वाराणसी धमाके के बाद का दृश्य

विस्फोट के कुछ समय बाद 'इंडियन मुजाहिदीन' (आईएम) ने बीबीसी हिंदी सेवा को भेजी एक ई-मेल में वाराणसी का ज़िक्र किए बिना कहा है - 'इंडियन मुजाहिदीन इस हमले को छह दिसंबर से जोड़ता है जो तुम्हारे देश को तब तक भयानक सपने की तरह डराता रहेगा जब तक मुसलमानों के साथ बाबरी मस्जिद के नुक़सान के लिए न्याय नहीं हो जाता है...तुम्हारे कोई भी मंदिर तब तक सुरक्षित नहीं, जब तक भारत में वो सभी मस्जिदें जिन पर कब्ज़ा हुआ है, इज़्ज़त के साथ मुसलमानों को लौटाई नहीं जातीं..."

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, "आतंक की ताकतों के ख़िलाफ़ जंग जारी रहेगी और हम इस हादसे से प्रभावित हुए लोगों के परिवारों को हर संभव सहायता देंगे."

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इसे शांति भंग करने की कोशिश बताया है. केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा है कि पूरे देश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

'घाट की एक सीढ़ी पर धमाका, धुँआ उठने लगा'

ग़ौरतलब है कि वाराणसी के शीतला घाट पर ये धमाका तब हुआ जब आरती शुरु हो चुकी थी.

घटनास्थल पर मौजूद एक महंत ने बीबीसी को बताया, "जब आरती चल ही रही थी तब घाट की एक सीड़ी से बहुत बड़े धमाके की आवाज़ आई, धुँआ उठने लगा और अफ़रा-तफ़री मच गई. जब धुँआ कुछ कम हुआ तो दिखा कि कई लोग इधर-उधर गिरे पड़े हैं. घायलों में एक विदेशी व्यक्ति भी था जो किसी पश्चिमी देश का प्रतीत होता था."

भारत:हाल की मुख्य चरमपंथी घटनाएँ

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस प्रमुख ब्रिज लाल ने बताया, "स्वातिका शर्मा नाम की एक बच्ची की शॉक के कारण मौत हो गई है. जब धमाका हुआ तब ये बच्ची माँ की गोद में थी. कुल 34 लोग घायल हुए हैं. इनमें से 19 लोग बीएचयू के अस्पताल में भर्ती हैं और चार का ऑपरेशन चल रहा है. एक विदेशी व्यक्ति समेत कुछ अन्य लोग अन्य अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं."

ब्रिज लाल का कहना था, "पुलिस महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक और आतंकवाद निरोधक दस्ते के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और जाँच चल रही है."

पुलिस का कहना है कि धमाका काफ़ी शक्तिशाली था और शायद आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ.

इंडियन मुजाहिदीन की ई-मेल

विस्फोट के कुछ समय बाद इंडियन मुजाहिदीन ने बीबीसी हिंदी सेवा को भेजे ई-मेल में लिखा है -"...जब एक बार मस्जिद बनाई जाती है तो वह सदा मस्जिद रहती है और आख़िरी दिन तक अल्लाह की संपत्ति होती है...."

इस ई-मेल में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अन्य अदालतों की कड़ी आलोचना की गई है और ये भी आरोप लगाया गया है कि 'सभी व्यावहारिक मक़सदों के लिए मस्जिद को मंदिर बना दिया गया है.'

इस ई-मेल में इस बात का भी दावा किया गया है कि दुनिया में मुस्लिम समुदाय बाबरी मस्जिद और कश्मीर के मुद्दों पर गंभीर है और चिंतित है.

पांच पन्नों की ई-मेल में कहा गया है कि भारत में गुजरात और मुंबई दंगों के ज़िम्मेदार खुले घूम रहे हैं.

यह ई-मेल बीबीसी समेत कई मीडिया संस्थानों के ई-मेल पतों को भेजी गई है और भेजने वाले का ई-मेल आईडी alfateh00005@gmail.com दिया गया है. इस ई-मेल के अंत में छह दिसंबर की तारीख़ है और हाथ से AL-ARBI लिखा गया है.

वाराणसी में शाम के समय घाटों पर गंगा आरती होती है और इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, देश-विदेश ये आए सैलानी वहाँ मौजूद होते हैं.

विशेष बल की माँग

मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार की देर रात दो बजे गंगा किनारे विस्फोट स्थल का दौरा किया.

उन्होंने घायलों का इलाज सरकारी खर्चे पर कराने का आश्वासन दिया.

इन आरोपों का उन्होंने खंडन किया कि छह दिसंबर के मद्दे नज़र पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी. उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगी कि जिस प्रकार से 26 नवम्बर के धमाकों के बाद मुंबई में व्यवस्था की गई है , वही व्यवस्था वाराणसी में भी की जाए.

मायावती ने ऐसी वारदातों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र से स्पेशल फ़ोर्स की भी मांग की.

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