नई पार्टी 45 दिनों में: जगन रेड्डी

जगनमोहन रेड्डी
Image caption 'राज्य की राजनीति में जगनमोहन की अलग पहचान कांग्रेस के लिए सिरदर्द बन सकती है'

कांग्रेस से नाता तोड़ लेने वाले भूतपूर्व सांसद और वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुत्र वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर घोषणा की है कि वे 45 दिन के अंदर नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेगें.

इससे पहले उनके नज़दीकी लोग तो इस तरह की बात करते रहे हैं लेकिन जगनमोहन रेड्डी ने खुलकर ऐसा कभी नहीं कहा.

पिछले हफ़्ते कांग्रेस और लोकसभा से त्यागपत्र देने वाले जगनमोहन ने कहा कि उनकी पार्टी का नारा ‘आत्मा गौरवम’ या ‘स्वाभिमान’ होगा क्योंकि ‘दिल्ली में बैठे कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने हमारे और आंध्र के लोगों के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाई है.’

पार्टी और संसद से इस्तीफ़ा देने के बाद पहली बार अपने चुनावी क्षेत्र कडप्पा में अपने गृह-कसबे पुलिवेंदुला की यात्रा पर गए जगनमोहन ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं की एक बड़ी भीड़ को संबोधित किया. उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी का झंडा 45 दिन के अंदर राज्य के हर घर पर लहराएगा और ये पार्टी 2014 के चुनाव में भरी बहुमत के साथ सत्ता में आएगी."

'अपमान हुआ है'

जगनमोहन ने दावा किया, "राज्य के लोग, मेरे पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी को बहुत चाहते थे. वे नई पार्टी की राह देख रहे हैं और उन्हीं के आशीर्वाद से हम सत्ता में आएँगे ताकि मेरे पिता के सपनों को साकार किया जा सके."

उन्होंने अपने समर्थकों से अनुरोध किया कि यदि वे अगले तीन वर्ष तक कड़ी मेहनत करें तो फिर 30 वर्ष तक आंध्र प्रदेश में एक सुनेहरा दौर रहेगा.

हालाँकि उन्होंने अपने दल का कोई नाम नहीं बताया लेकिन सूत्रों का मानना यह है कि वो "वाईएसआर कांग्रेस" का नाम हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. इस नाम का एक दल पहले ही से पंजीकृत है और उस के अध्यक्ष से जगनमोहन के समर्थक बात कर रहे हैं.

मंगलवार और बुधवार को जगनमोहन पूरे पुलिवेंदुला विधानसभा चुनाव क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और वहां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं.

महत्वपूर्ण है कि उनकी माँ विजयलक्ष्मी ने इस विधानसभा सीट से त्यागपत्र दे दिया है और उनकी जगह जगनमोहन रेड्डी उप चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. वो विधानसभा में जाकर मुख्यमंत्री किरणकुमार रेड्डी को सीधे चुनौती देना चाहते हैं और राज्य की राजनीती में अपनी पकड़ मज़बूत बनाना चाहते हैं.

पुलिवेंदुला में कई जगह उन्होंने कांग्रेस आला कमान को निशाना बनाया और कहा, "हमारे परिवार और दिवंगत पिता राजशेखर रेड्डी का अपमान हुआ है. अगर आज कांग्रेस पार्टी आंध्र प्रदेश और केंद्र में सत्ता में है तो यह मेरे पिता के कारण हैं. लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने यह बात भुला दी है."

कांग्रेस उलझनों के बावजूद आश्वस्त

दूसरी और कांग्रेस पार्टी अभी भी समस्याओं के दलदल से निकल नहीं सकी है. कांग्रेस के नए मुख्यमंत्री अंदरूनी मतभेदों को सुलझाने के लिए आला कमान से बातचीत के लिए दिल्ली में हैं. उन्होंने मंगलवार को सोनिया गाँधी से भेंट की. उनकी समस्या यह है की कई मंत्री दिए गए विभागों से ख़ुश नहीं हैं. अब तक यह तय नहीं हो सका है कि राज्य में उपमुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर कौन होगा.

लेकिन कांग्रेस के नेता जगनमोहन के प्रस्तावित दल के महत्त्व को घटाकर आंक रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डी श्रीनिवास ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को राजनीतिक दल स्थापित करने की आज़ादी है और पहले भी कई लोग अपने दल स्थापित कर चुके हैं.

मुख्यामंत्री किरण कुमार रेड्डी ने कहा की कई लोग पहले भी कांग्रेस से निकल चुके हैं लेकिन वो पार्टी को कोई नुकसान नहीं पहुँचा सके. फिर भी यह स्पष्ट है कि जगनमोहन को पार्टी में निचले स्तर पर मिलने वाला समर्थन पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ा सर दर्द बन सकता है.

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