गतिरोध की भेंट चढ़ा संसद का सत्र

संसद

2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले की जेपीसी से जांच कराने के संबंध में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के कारण संसद का पूरा शीतकालीन सत्र इसकी भेंट चढ़ गया.

नौ नवंबर से शुरु हुए संसद के शीतकालीन सत्र में अब तक कोई कामकाज नहीं हो पाया है और इस गतिरोध का कोई हल नज़र नहीं आ रहा है.

सोमवार को संसद के सत्र का अंतिम दिन था और इस दिन भी कोई कामकाज नहीं हो पाया.

जनता दल-यू के अध्यक्ष शरद यादव से जब पत्रकारों ने ये पूछा कि अगर सरकार विपक्ष की जेपीसी की मांग नहीं मानती है तो विपक्ष की रणनीति क्या होगी, तो उनका जवाब था, ''भ्रष्टाचार और संसद साथ साथ नहीं चल सकते हैं.''

दूसरी ओर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में लगभग बिना किसी कार्यवाही के संसद का सत्र समाप्त होने को लेकर संसदीय प्रणाली के भविष्य पर चिंता जाहिर की है.

प्रधानमंत्री की चिंता

जर्मनी से लौटते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''मैं संसदीय प्रणाली के भविष्य को लेकर चिंतित हूं.''

विपक्ष के अगले साल बजट सत्र में भी जेपीसी की मांग पर अड़े रहने संबंधी सवाल पर मनमोहन सिंह ने कहा, ''मुझे दुख है संसद में काम नहीं होने दिया जा रहा है.''

विपक्ष के जेपीसी जांच की मांग पर अड़े रहने के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार ने बार-बार उन्हें बताया है कि मौजूदा प्रक्रिया से भी वही चीजें हासिल हो सकती हैं जो जेपीसी जांच से हो सकती हैं.

उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष तार्किक ढंग से विचार करेगा.

संबंधित समाचार