'स्टेपल वीज़ा मुद्दे पर गेंद चीन के पाले में'

भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा है कि चीन और भारत के प्रधानमंत्रियों की बैठक में आतंकवाद और कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा हुई है.

दिल्ली में हुई एक प्रेस ब्रीफ़िंग में विदेश सचिव ने कहा कि चीन को आतंकवाद पर भारत की चिंता पर ध्यान देने की आवश्यकता है. उनका कहना था, "दोनों नेताओं ने पाकिस्तानी धरती पर हो रही आतंकवादी गतिविधियों पर चर्चा की है. वेन जियाबाओ ने मुंबई हमलों में मारे गए लोगों पर अफ़सोस जताया."

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ भारत के तीन दिन के दौरे पर भारत आए हुए हैं जहाँ उन्होंने मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की है.

कश्मीर के लोगों को स्टेपल वाला वीज़ा देने के मुद्दे पर विदेश सचिव का कहना था कि चीन इस भारत की चिंता जानता है और गेंद चीन के पाले में है. उनका कहना था,"बातचीत के दौरान चीनी प्रधानमंत्री ने स्वयं ये मुद्दा उठाया. वेन जियाबाओ ने कहा कि चीन भारत की चिंता से अवगत है और इसे सुलझाने के लिए अधिकारियों के बीच चर्चा होनी चाहिए."

कुछ दिन पहले भारत में चीन के राजदूत ने कहा था कि दोनों देशों के संबंध नाज़ुक हैं लेकिन निरुपमा राव ने कहा कि उन्हें लगता है कि पिछले तीन दश्कों में रिश्ते और स्थिर हुए हैं.

ब्रह्मपुत्र नदी पर बाँध बनाने को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं. लेकिन निरुपमा राव के मुताबिक वेन जियाबाओ ने कहा है कि ब्रह्मपुत्र नदी पर बन रहे बाँध के कारण निचले इलाक़ों में रहने वाले लोगों पर असर नहीं पड़ेगा.

विदेश सचिव ने ये जानकारी भी दी कि भारत और चीन के नेताओं के बीच अब हॉटलाइन चालू हो गई है.

निरुपमा राव ने बताया कि दोनों देशों के बीच सहमति बनी है कि नेताओं को ज़्यादा नियमित रूप से मिलना चाहिए और चीनी प्रधानमंत्री ने अगले साल मनमोहन सिंह को चीन आने की निमंत्रण दिया है.

मनमोहन सिंह और वेन जियाबाओ ने मुलाक़ात के बाद कोई संयुक्त संवाददाता सम्मेलन नहीं किया. इस बारे में सवाल पूछे जाने पर निरुपमा राव ने कहा कि पत्रकारों से सवाल-जवाब न करने का कोई दूसरा अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए.

अहम समझौते

इससे पहले चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने दिल्ली में मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की.मनमोहन सिंह और वेन जियाबाओ ने हैदराबाद हाउस में सामरिक और वाणिज्य मुद्दों पर चर्चा की.

भारत और चीन ने दोनों देशों के बीच व्यापार को वर्ष 2015 तक 100 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है. इस समय दोनों देशों के बीच लगभग 49 अरब डॉलर का व्यापार होता है.

भारत और चीन ने एडन की खाड़ी में सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के अनुसार वाणिज्य गतिविधियों के लिए सहयोग करने पर सहमति जताई है.

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में बैंकिंग, ग्रीन तकनीक, मीडिया एक्सचेंज, जल संसाधन, सतलुज नदी के बारे में छह समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं.

गुरुवार शाम को वेन जियाबाओ भारतीय उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात करेंगे.

इसके बाद शाम साढ़े सात बजे को जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में भारत-चीन कूटनीतिक संबंधों की 60वीं वर्षगाँठ पर समारोह आयोजित किया जाएगा.

वेन जियाबाओ बुधवार को भारत की तीन दिन की यात्रा पर भारत आए हैं. वे शुक्रवार को भारत से पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे.

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