उल्फ़ा नेता का बेटा स्केटिंग चैंपियन

Image caption अरविंद राजखोवा उल्फ़ा के संस्थापक नेताओं में से हैं.

अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा) के चेयरमैन अरबिंद राजखोवा इन दिनों जेल में हैं लेकिन उनके बेटे असम की रोलर स्केटिंग टीम में अपना कमाल दिखा रहे हैं.

राजखोवा के बेटे आईचेंग राजखोवा को असम की 13 सदस्यीय रोलर स्केटिंग टीम में शामिल किया गया है.

ये टीम राष्ट्रीय स्कूल खेलों में हिस्सा लेगी जो दिल्ली में 28 दिसंबर से दो जनवरी के बीच होगी.आईचेंग राजखोवा दिगबोई के स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र हैं.

बताया जाता है कि आईचेंग ने स्केटिंग बांग्लादेश में सीखी जब उनके पिता उल्फ़ा नेता राजखोवा ढाका में थे.

राजखोवा की गिरफ़्तारी

पिछले साल अरबिंद राजखोवा को बांग्लादेश में गिरफ़्तार कर लिया गया था और फिर 2010 में बताया गया था कि भारत ने उन्हें हिरासत में ले लिया है.

भारत सरकार का दावा था कि राजखोवा ने सीमा सुरक्षा बल के सामने आत्मसमर्पण किया था.

वर्ष 1979 से उल्फ़ा असम की स्वतंत्रता की मांग करते हुए संघर्ष कर रहा है.

राजखोवा उन चार लोगों में से हैं जिन्होंने सात अप्रैल 1979 के दिन उल्फा का गठन किया था.

राजखोवा ने वर्ष 1992 में केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की पहल की थी लेकिन परेश बरुआ की सैन्य अलगाववादी आंदोलन जारी रखने की प्रतिबद्धता के कारण ये कोशिश नाकाम हो गई.

इसके बाद 2008 में भी अरबिंद राजखोवा ने ईमेल से एक बयान जारी करके कहा था कि वह केंद्र सरकार के साथ बातचीत को तैयार हैं.

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