2जी घोटाला: सुप्रीम कोर्ट निगरानी करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो 2जी स्पैक्ट्रम में हुए कथित घोटाले की जाँच की ख़ुद निगरानी करेगा.

मामले की जांच कर रही सीबीआई किसे रिपोर्ट करे इस पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ये फ़ैसला सुनाया.

हालांकि विपक्षी दल स्‍पेक्‍ट्रम घोटाले की जांच जेपीसी से कराए जाने की मांग पर अब भी कायम है.

याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले की जांच 2001 से की जाए. अदालत ने कहा कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की मिलकर जांच करें.

सीबीआई इस मामले की जाँच की प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले यानी10 फ़रवरी से पहले सौंपे.

सुप्रीम कोर्ट

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई इस मामले की जाँच की प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले यानी10 फ़रवरी से पहले सौंपे.

प्रशांत भूषण ने बताया कि अदालत ने कहा कि पहली नज़र में लगता है कि अयोग्य लोगों को लाइसेंस दे दिए गए थे और बाद में उन्हें निरस्त भी नहीं किया गया.

अदालत ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) और बैंकों की ऋण देने की भूमिका की भी जाँच करने का निर्देश दिया है.

विपक्षी दल संयुक्त संसदीय दल (जेपीसी) से इस मामले की जाँच करने की माँग करता आया है.

भारतीय जनता पार्टी के नेता चंदन मित्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निगरानी के फ़ैसले के बावजूद पार्टी जेपीसी जाँच की माँग पर कायम है.

सीबीआई के छापे

सुप्रीम कोर्ट के निगरानी के फ़ैसले के बावजूद पार्टी जेपीसी जाँच की माँग पर कायम है.

चंदन मित्रा, भाजपा सांसद

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने बुधवार को 2जी स्पैक्ट्रम के कथित घोटाले के सिलसिले में कॉर्पोरेट लॉबिंग करने वाली नीरा राडिया के घर और दफ़्तर पर छापा मारा था.

सीबीआई ने नीरा राडिया और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के पूर्व चेयरमैन प्रदीप बैजल के घरों के अलावा तमिलनाडु में 27 स्थान पर छापे की कार्रवाई की थी.

प्रदीप बैजल दूरसंचार क्षेत्र के नियम क़ानून निर्धारित करने वाली संस्था भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के पूर्व चेयरमैन हैं और रिटायर होने के बाद वो नीरा राडिया की एक कंपनी से संबंद्ध हो गए थे.

इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन ने जानकारी दी थी कि उन्होंने कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर से फ़ोन टैपिंग मामले को देखने और एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

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