भारतीय सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार पर सवाल

Image caption कश्मीर समस्या का समाधान निकालने के लिए तीन सदस्यीय वार्ताकार के समूह ने राज्य का दौरा किया था.

विकीलीक्स पर जारी किए जो ताज़ा दस्तावेज़ ब्रितानी अख़बार 'द गार्डियन' में छपे हैं, उनके मुताबिक़ अमरीका ने कश्मीर में हिरासत में लिए गए लोगों के प्रति भारतीय पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी.

विकीलीक्स ने जो नए दस्तावेज़ जारी किए हैं इससे अमरीका की चिंता का पता चलता है.

'द गार्डियन' अख़बार ने विकीलीक्स पर आए अमरीका के राजनयिकों के बीच आदान-प्रदान हुए संदेशों को छापा है.

इनसे पता चलता है कि वर्ष 2005 में दिल्ली में मौजूद अमरीकी कूटनीतिज्ञों को रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति ने जानकारी दी थी कि कश्मीर में जिन सैकड़ों लोगों को हिरासत में रखा गया है उन्हें पीटा जाता है, बिजली के झटके दिए जाते हैं और उनका यौन उत्पीड़न किया जाता है.

चिंतित

ऐसी ही जारी की गई एक अन्य जानकारी कथित तौर पर यह दर्शाती है कि वर्ष 2007 तक अमरीकी कूटनीतिज्ञ भारतीय सुरक्षाबलों की ओर से मानवाधिकार के व्यापक हनन के मामले को लेकर ख़ासा चिंतित थे.

इन जानकरियों के मुताबिक़ अमरीकी कूटनीतिज्ञ ये मानते थे कि हिरासत में लिए गए लोगों से अपना जुर्म क़बूल करवाने के लिए सुरक्षाबल अत्याचार और उत्पीड़न का सहारा लेते थे.

इस बारे में अभी तक अमरीका, भारत या रेड क्रॉस ने कोई टिप्पणी नहीं की है. विश्लेषकों का मानना है कि ये नई जानकारियाँ दिल्ली के लिए काफ़ी शर्मनाक होंगी.

ये जानकारी ऐसे समय आई है जब कश्मीर में स्थिति काफ़ी संवेदनशील है.

संबंधित समाचार