झारखंड पंचायत चुनाव में उत्साह

झारखंड में चुनाव
Image caption नक्सलियों की धमकियों के बावजूद मतदाता आगे आ रहे हैं

झारखंड में 32 सालों के बाद हो रहे पंचायत चुनाव के चौथे चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा.

नक्सल प्रभावित चतरा ज़िले के हंटरगंज में विस्फोटक मिलने और इक्का-दुक्का जगहों पर हल्की झड़पों की ख़बरों के अलावा किसी बड़ी घटना की ख़बर नहीं है. हालाँकिं कई जगहों पर माओवादियों ने मतदान प्रभावित करने की कोशिश की मगर सुरक्षा बलों नें उन्हें कामयाब नहीं होने दिया. चौथे चरण में 12 ज़िलों के 36 ब्लॉकों की 542 पंचायतों में मतदान हुआ. झारखंड के मुख्य चुनाव आयुक्त एसडी शर्मा के अनुसार चौथे चरण में 68.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जिसमें सबसे ज्यादा नक्सलवाद प्रभावित गिरिडीह ज़िले में 74 प्रतिशत मतदान हुआ.

इसके अलावा माओवाद प्रभावित गढ़वा और पूर्वी सिंहभूम ज़िलों में भी 73 प्रतिशत से ऊपर ही मतदान हुआ. झारखंड के 24 में से 24 ज़िले नक्सल प्रभावित हैं इसलिए सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक वोट डाले गए.

राज्य के चुनाव आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव में लोगों का उत्साह इसी बात से पता चलता है कि सुबह 11 बजे तक सबसे संवेदनशील माने जाने वाले चतरा जिले में 41.4 प्रतिशत मतदान हुआ.

यही हाल गिरिडीह का भी था जहाँ सुबह 11 बजे तक 36 प्रतिशत मतदान हुआ. कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग बड़ी संख्या में सुबह से ही अपना वोट डालने निकले. झारखंड में पंचायत चुनाव पर नज़र रख रहे विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत के चुनाव में लोकसभा और विधानसभा से ज्यादा उत्साह देखा गया है. शायद 32 सालों के बाद हो रहे पंचायत के चुनाव इसका बड़ा कारण हैं. गढ़वा जिले में पदस्थ पुलिस उपाधीक्षक अवधेश सिंह का कहना है कि माओवादियों के बहिष्कार के आव्हान के बावजूद सुदूर इलाकों में बड़ी संख्या में लोग वोट डालने के लिए आगे आए. झारखंड में पंचायत के चुनाव 27 नवंबर से हो रहे हैं. पांचवें और आखरी चरण का मतदान 24 दिसंबर को होगा.

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