पीएसी के सामने पेश होने को तैयार पीएम

मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा.

कांग्रेस महाधिवेशन में अपने संबोधन के दौरान मनमोहन सिंह ने 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को ख़ारिज किया.

उन्होंने कहा कि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों में कोई दम नहीं है. मनमोहन सिंह ने कहा कि वे लोक लेखा समिति के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं.

प्रधानमंत्री ने 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग को ठुकराते हुए कहा कि इससे कोई उद्देश्य का हल नहीं होता.

पिछले दिनों जेपीसी की मांग पर संसद की कार्यवाही चल ही नहीं पाई थी.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "हमारी पार्टी और सरकार के ख़िलाफ़ कई आरोप लगाए गए हैं. हमारे बारे में कहा गया कि हम भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं. लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार दोषियों को नहीं छोड़ेगी."

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ रही है और आगे भी ऐसा होता रहेगा.

'छोड़ेंगे नहीं'

मनमोहन सिंह ने भी सोनिया गांधी की तरह कहा कि सिर्फ़ संदेह के आधार पर पार्टी ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हटाया, लेकिन अन्य पार्टियाँ ऐसा नहीं करती.

उन्होंने कहा, "2-जी स्पैक्ट्रम का मामला हो या राष्ट्रमंडल खेलों का मामला हो, जाँच पूरी होगी. हम देश को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि मंत्री हों या सरकारी अधिकारी, दोषी पाए जाने पर किसी को बख़्शा नहीं जाएगा."

मनमोहन सिंह ने कहा कि जैसे ही 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में सीएजी की रिपोर्ट आई, संबंधित मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया और मामला लोक लेखा समिति के पास भी है और वे भी लोक लेखा समिति के सामने भी पेश होने को तैयार हैं.

लोक लेखा समिति की अगुआई भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी कर रहे हैं.

इस मामले की जाँच सीबीआई कर रही है और सुप्रीम कोर्ट इसकी निगरानी भी कर रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार चलाने में अगर कुछ कमियाँ रही भी हैं, तो उसे पूरा किया जाएगा और सरकार प्रभावशाली तरीक़े से काम करेगी.

मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे अहम मुद्दों पर संसद में बहस चाहती थी, लेकिन जेपीसी की मांग पर विपक्ष ने संसद नहीं चलने दी.

उन्होंने सोनिया गांधी की सराहना की और कहा कि वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें सोनिया गांधी जैसी नेता मिली हैं.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पाकिस्तान का भी ज़िक्र किया और कहा कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करता, उससे दोस्ताना संबंध संभव नहीं.

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