मेदवेदेव भारत में, कारोबारी रिश्तों पर ज़ोर

दिमित्री मेदवेदेव और मनमोहन सिंह (फ़ाइल फ़ोटो)

रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव मंगलवार से भारत दौरे पर हैं. माना जा रहा है कि अपने दो दिन के भारत दौरे में मेदवेदेव अरबों डॉलर के परमाणु और रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे.

उन्होंने सुबह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की है. और दोनों नेता बाद में संयुक्त रूप से पत्रकारों से बात करेंगे.

रूसी राष्ट्रपति भारत के साथ कारोबार और रिश्तों को बढ़ावा देंगे.ख़ास ध्यान 30 अरब डॉलर के उस संभावित समझौते पर टिका हुआ है जिसमें स्टेल्थ फ़ाइटर जेट विकसित करने पर सहमति होनी है.रुस की ओर से भारत को परमाणु रिएक्टर सप्लाई करने की भी योजना है.

रूस में बने हथियारों के लिए भारत पुराना बाज़ार रहा है लेकिन बीबीसी संवाददाता जॉनथन मार्कस का कहना है कि अब दोनों देशों के संबंध बदल रहे हैं.

भारत अब सिर्फ़ रूस से हथियार नहीं खरीदना चाहता बल्कि उनकी तकनीक भी सीखना चाहता है.

भारत के लोकतांत्रिक अनुभवों को साझा करने की इच्छुक रूस की निर्वाचन एजेंसी मंगलवार को निर्वाचन संबंधी एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगी.

दौरे से पहले एक भारतीय अख़बार को दिए इंटरव्यू में मेदवेदेव ने कहा है कि भारत-रूस संबंध ख़ास है.

बदलते संबंध

विशेषज्ञों का कहना है कि शीत युद्ध के दौरान भारत और सोवियत संघ के क़रीबी रिश्ते रहे हैं और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव चाहते हैं कि उनकी कंपनियां अन्य विदेशी कंपनियों से परमाणु और रक्षा सौदों में न पिछड़ जाएँ.

यात्रा से पहले रूस के राजदूत अलेक्जेंडर कदाकिन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है, "दोनों देशों के बीच करीब 15 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है."

वहीं भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा है कि दोनों देश हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावना भी तलाशेंगे.

मंगलवार शाम को रूसी राष्ट्रपति लोक सभा में विपक्ष की नेता, कांग्रेस अध्यक्ष, उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति से मुलाक़ात करेंगे.

यात्रा के दौरान बुधवार को मेदवेदेव सुबह आगरा जाएँगे जिसके बाद वे मुंबई में बॉलीवुड से जुड़े लोगों से मिलेंगे और फ़िल्म सिटी देखने जाएंगे.

रूस में भारतीय फ़िल्में और टीवी सीरियल खासे लोकप्रिय हैं.वहाँ कुछ निजी संचालक नियमित रूप से बॉलीवुड फ़िल्में दिखाते हैं.

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