आरक्षण को लेकर गूजरों का आंदोलन

गूजर समुदाय
Image caption आरक्षण को लेकर गूजर कई बार आंदोलन कर चुके हैं.

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर गूजर फिर आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने रेल मार्ग अवरुद्ध किया था और रात भर वे अलाव जलाकर रेल मार्गों पर ही बैठे रहे.

गूजर अपने लिए सरकारी नौकरियो में पांच फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे है.आंदोलन कारियों का कहना है कि वे मंगलवार को दिन भर विरोध करेंगे. भाजपा के गूजर नेताओं ने भी इसमें शामिल होने की बात कही है. इसे देखते हुए प्रशासन चाक चौबंद है.

राज्य में हालात के मद्देनज़र मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत दिल्ली से वापस आ गए है और क़ानून व्यवस्था से जुड़े इंतज़ामों की समीक्षा की.वे अपने मंत्रियो के साथ कांग्रेस समेलन में भाग लेने दिल्ली गए हुए थे.

गूजरों ने सोमवार को राजस्थान के भरतपुर जिले में रेल यातायात बाधित कर दिया था जिसके कारण कम से कम दो रेलगाड़िया रास्ते में अटक गई थी.

कोर्ट पर निगाहें

राज्य सरकार के सामने बड़ी दिक्कत ये भी है कि उसने राजस्थान लोक सेवा आयोग के लिए एक लाख पद निकाले हैं जिसके लिए एक हफ़्ते तक परीक्षा होनी है. लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण छात्र स्टेशनों पर फँसे हुए हैं.

गूजर जहाँ नौकरियों में आरक्षण चाहते हैं तो सरकार की मुश्किल ये है कि हाई कोर्ट ने आरक्षण पर रोक लगा रखी है. सरकार अगर गूजरों को पाँच फ़ीसदी आरक्षण देती है तो कुल आरक्षण 54 फ़ीसदी यानी 50 प्रतिशत से ज़्यादा हो जाता है.

इस पर बुधवार यानी 22 दिसंबर को सुनवाई होनी है. इस फ़ैसले पर बहुत कुछ निर्भर करेगा हालांकि गूजर नेता कह चुके हैं कि फ़ैसला कुछ भी हो उन्हें आरक्षण चाहिए.

गूजर आंदोलन के दौरान पूर्व में हिंसा हो चुकी है और सत्तर लोग मारे गए थे.

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