'जेपीसी का गठन हो या पीएम इस्तीफ़ा दें''

आडवाणी और सुषमा
Image caption बीजेपी नेताओं ने कहा कि वो जेपीसी के गठन के बिना किसी और जांच को नहीं मानेंगे.

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन या तो संयुक्त संसदीय समिति का गठन करें या फिर पद से इस्तीफ़ा दें.

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के कार्यकाल में हुए विभिन्न घोटालों और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ दिल्ली में बीजेपी ने एक विशाल रैली का आयोजन किया है.

रैली को संबोधित करते हुए लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन को बीजेपी गांव गांव तक ले जाएगी.

बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी से बातचीत

बीजेपी नेता अरुण जेटली का कहना था, ‘‘ प्रधानमंत्री को इस मामले में स्थिति साफ़ करनी चाहिए. वो जेपीसी के गठन से क्यों इंकार कर रहे हैं. उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा देना चाहिए क्योंकि वो 2जी भ्रष्टाचार के बारे में जानते थे.’’

केंद्र सरकार ने 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई और लोक लेखा समिति से जांच की घोषणा की है लेकिन विपक्षी दल इससे संतुष्ट नहीं है.

विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर संसद का शीतकालीन सत्र भी चलने नहीं दिया था. संसद में विपक्षी दलों ने बार बार जेपीसी की मांग की और एक भी दिन संसद चलने नहीं दी थी.

केंद्र इस मामले में जेपीसी से जांच पर राजी़ नहीं है. बीजेपी का आरोप है कि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले के अलावा यूपीए सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान घोटाला हुआ और महाराष्ट्र में आदर्श सोसायटी जैसे मामले सामने आए हैं.

इन मामलों में कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन किसी को अभी तक सज़ा नहीं हुई है. हालांकि आदर्श सोसायटी मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को कुर्सी भी गंवानी पड़ी है.

कांग्रेस पार्टी ने इस रैली के बाद कहा है कि बीजेपी से इसके अलावा और क्या उम्मीद की जा सकती है कि वो अपनी पार्टी नेताओं के भ्रष्टाचार को अनदेखा करें और सरकार पर आरोप लगाएं.

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