चंद्रबाबू नायडू ने अनशन तोड़ा

चंद्रबाबू नायडू
Image caption चंद्रबाबू नायडू को आईसीयू में भर्ती करवाया गया है.

आठ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे आंध्र प्रदेश में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भूख हड़ताल ख़त्म कर दी है.

देश के नौ राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने यह फ़ैसला किया.

उनसे मिलने वालों में प्रमुख थे- वामपंथी नेता प्रकाश कारत और एबी बर्धन, जनता दल (यू) के शरद यादव और राष्ट्रीय लोकदल के अजीत सिंह.

नायडू ने नारियल पानी पीकर अपना अनशन तोड़ा. चंद्रबाबू नायडू से मुलाक़ात के बाद एबी बर्धन ने अन्य नेताओं की मौजूदगी में अनशन समाप्त होने की जानकारी दी.

इन नेताओं ने यह भी वादा किया कि वे चंद्रबाबू नायडू के इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएँगे और केंद्र सरकार पर दबाव डालेंगे.

तेलुगूदेशम के नेता चंद्रबाबू नायडू पिछले कुछ दिनों से निज़ाम अस्पताल में भर्ती थे. शुक्रवार को उन्हें अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में ले जाया गया था.

अस्पताल के निदेशक पीवी रमेश ने पत्रकारों को बताया कि इस कार्रवाई में डॉक्टरों को नायडू के काफ़ी कड़े विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन ऐसा करना ज़रूरी हो गया था.

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता तो नायडू कोमा में चले जाते और फिर उन्हें बचाना मुश्किल होता.

सरकार ने मांग रद्द की

नायडू ने बाढ़ और वर्षा से प्रभावित किसानों की सहायता की मांग करते हुए गत शुक्रवार को आमरण अनशन शुरू किया था लेकिन तीन दिन बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचा दिया.

इस बीच राज्य सरकार ने नायडू और अन्य विपक्षी दलों की किसानों को अतिरिक्त सहायता देने की मांग को रद्द कर दिया है.

मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि किसानों की अतरिक्त सहायता के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही नष्ट हो जाने वाली फ़सलों के लिए 2400 रूपए प्रति एकड़ की सहायता की घोषणा कर चुकी है.

आमरण अनशन पर बैठे नायडू धान की फ़सल के लिए दस हज़ार रूपए और अन्य फ़सलों के लिए 15 हज़ार रूपए प्रति एकड़ की सहायता की मांग कर रहे थे.

संबंधित समाचार