'अश्लील भाषा' के पर्चे पर मामला दर्ज

कश्मीर
Image caption कश्मीरी समाज आंशिक तौर पर रूढ़िवादी है तो कुछ उदारवादी भी

भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस ने एक यूनिवर्सिटी टीचर के ख़िलाफ़ प्रश्नपत्र में अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है.

कश्मीरी विभाग में प्रोफ़ेसर शाद रमज़ान पर आरोप है कि उन्होंने छात्रों को प्रश्नपत्र में एक अश्लील पैरा अनुवाद करने के लिए दिया था.

ये प्रश्नपत्र उन्होंने यूनिवर्सिटी में बीए कोर्स के पहले साल के छात्रों के लिए सितंबर में हुई परीक्षा के लिए बनाया था.

जिस पैरा का अनुवाद किया जाना था उसमें एक वाक्य था कि महिलाओं के स्तन का विकास अन्य किसी स्तनपायी से ज़्यादा तेज़ी से होता है.

यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक का कहना है, ''हमें इस बारे में शिकायत मिली थी और बाद में इस विषयों के जानकारों की राय लेकर प्रोफ़ेसर रमज़ान को परीक्षा से संबंधित किसी भी काम के लिए दो साल तक अयोग्य क़रार दे दिया है.''

मामला दर्ज

पुलिस अधीक्षक मक़सूद-उज-ज़मान ने बीबीसी को ये जानकारी दी है कि रमजान को गिरफ़्तार किया जा सकता है जबकि प्रोफ़ेसर रमज़ान का कहना है कि वे इस मामले में दोषी नहीं है.

रमज़ान का कहना है, ''सभी कश्मीरी लेखकों का ये मानना है कि ज्ञान का भंडार बनने के लिए और निर्देशों को माध्यम देने के लिए कश्मीरी भाषा को रहस्यवादी काव्य से आगे बढ़ना होगा और उसमें प्रकृति और समाजिक विज्ञान के अंश भी शामिल किए जाने चाहिए.''

प्रोफ़ेसर रमज़ान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सरकारी नीतियों के तहत प्राइमरी और सीनियर सेकेंडरी के छात्रों को कश्मीरी पुस्तकों में एड्स और अन्य विषयों पर ज्ञान दिया जा रहा है.

उनका कहना था, "मैंने ये पैरा चिकित्सा विज्ञान की किताब से लिया था. अगर इसमें कोई आपत्ति है तो पहले उस किताब पर ही रोक लगा देनी चाहिए.''

प्रोफ़ेसर रमज़ान इस बात को लेकर दुविधा में हैं कि कश्मीरी शिक्षक समुदाय और कॉलेज के छात्र उनका समर्थन करेंगे या नहीं.

लेकिन इनमें कुछ एक छात्रों का मानना था कि सार में जो सवाल पूछा गया उससे कुछ गुस्सा भड़का ज़रूर था लेकिन कोई बहुत ज़्यादा हंगामा नहीं हुआ था. पर अब ऐसा नहीं लगता कि छात्र खुलकर प्रोफ़ेसर के समर्थन में आएंगे.

कुछ लोगों का मानना है कि भाषा या साहित्य के छात्रों के लिए ऐसा प्रश्नपत्र बनाने की कोई ज़रूरत नहीं थी.

इससे तीन हफ़्ते पहले कॉलेज के एक अन्य शिक्षक प्रोफ़ेसर नूर मोहम्मद भट्ट को भारत विरोधी सवाल पूछने के संबंध में गिरफ़्तार किया गया था.

समाज

प्रोफ़ेसर नूर ने पहले साल के छात्रों के लिए अंग्रेज़ी भाषा का जो प्रश्नपत्र बनाया था उसमें एक भारत विरोधी सवाल को शामिल किया था. वह अब भी हिरासत में हैं.

कश्मीरी समाज आंशिक तौर पर रूढ़िवादी भी है और उदारवादी भी.

घाटी में लड़के और लड़कियाँ एक साथ पढ़ाई करते हैं और महिलाए राजनीति में भी सक्रिय हैं. साथ ही प्रशासनिक सेवाओं में भी वह अच्छे पदों पर हैं.

प्रेम विवाह को यहां का समाज स्वीकृति देता है लेकिन प्रेमी युगलों को प्रायः यहां की पुलिस पकड़ लेती है. मेडिकल कॉलेज में छात्र छात्राओं के समक्ष सेक्स के बारे में बात की सकती है लेकिन बाहर नहीं.

अभी इस बारे में अंदाज़ा लगाना मुश्किल है कि अदालत प्रोफ़ेसर के बारे में क्या रुख़ अपनाती है.

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