राजा से लगातार दूसरे दिन पूछताछ

ए राजा

दूरसंचार मंत्रालय की ओर से 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन में हुए घोटाले की जाँच कर रहे केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की है.

शनिवार को उनसे आठ घंटे पूछताछ की गई है. इससे पहले शुक्रवार को उनसे नौ घंटे पूछताछ हुई थी.

शुक्रवार को सीबीआई ने पूछताछ के बाद कहा था कि उनसे लाइसेंस आवंटन के कई पहलुओं पर पूछताछ की गई है.

ए राजा पर आरोप है कि उन्होंने 2जी स्पैक्ट्रम आबंटन में नियमों का उल्लंघन किया. राजा पर ये भी आरोप हैं कि उन्होंने दूरसंचार मंत्री रहते ऐसी कंपनियों पर मेहरबानी की, जो नियमों पर खरे नहीं उतर रहे थे. हालांकि वे इससे इनकार करते हैं.

सीबीआई ने क़रीब क़रीब 22 हज़ार करोड़ के इस कथित घोटाले में एक साल पहले मामला दर्ज किया था.

लेकिन सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आवंटन में हुई अनियमितता से सरकार को 1.76 लाख करोड़ के राजस्व का नुक़सान हुआ.

विपक्ष ने इस मामले की जाँच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से करवाने की मांग को लेकर संसद का शीतकालीन सत्र नहीं चलने दिया और अब इसी मामले में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कहा है कि या तो प्रधानमंत्री जेपीसी की मांग स्वीकार करें या फिर वे अपना पद छोड़ दें.

पूछताछ

विपक्ष के दबाव की वजह से ए राजा को पिछले महीने अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

पिछले दिनों सीबीआई ने राजा और उनके सहयोगियों के कई ठिकाने पर छापा मारा था.इसके बाद पिछले हफ़्ते सीबीआई ने राजा को पूछताछ का नोटिस दिया था.

शुक्रवार को उनसे नौ घंटे पूछताछ हुई और शनिवार को दूसरी बार आठ घंटे. शुक्रवार को हुई पूछताछ के बाद ए राजा ने कहा था कि वे जाँच में सहयोग कर रहे हैं और अभी जाँच चल रही है इसलिए वे कुछ नहीं कहेंगे.

इस पूछताछ के बाद सीबीआई की प्रवक्ता विनीता ठाकुर ने मीडिया से कहा, "राजा से यूनीफाइड एक्सेस सर्विस एकीकृत लाइसेंस सेवा के आवंटन के संबंध में कई पहलुओं पर पूछताछ की गई और इसमें आगे की जांच जारी है."

मीडिया ने सीबीआई के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि राजा से स्पेक्ट्रम आवंटन की तिथि को बदलने और कुछ टेलीकॉम कंपनियों में कथित रूप से उनके रिश्तेदारों का पैसा लगा होने के सवाल पूछे गए हैं.

अधिकारियों के अनुसार राजा से यह भी पूछा गया कि यूपीए के दूसरी बार सत्ता में आने पर उन्हें ही दूरसंचार मंत्री का पद दिलवाने के लिए लॉबिंग क्यों की गई और इसमें कॉर्पोरेट दलाल नीरा रा़डिया की क्या भूमिका थी.

बताया गया है कि उनके सचिव और दूरसंचार विभाग के दूसरे अधिकारियों की भूमिका के बारे में भी राजा से पूछताछ की गई है.

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