शरीयत पर आधारित मुंबई का नया सूचकांक

बीएसई
Image caption बीएसई को उम्मीद है कि इस कदम से यूरोप और खाड़ी देशों से भी निवेश आएगा.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने एक नया सूचकांक शुरु किया है जिसमें शरीयत क़ानून को मानने वाली कंपनियां शामिल होंगी.

मुंबई शेयर बाज़ार ‘बीएसई’ और 'तकवा एडवाइज़री एंड शरीया इंवेस्टमेंट सल्यूशंस' यानी ‘तासिस’ मंगलवार से 'बीएसई तासिस शरीया 50' सूचकांक शुरू कर रहे हैं.

यह देश का पहला शरीयत सूचकांक होगा जो देश के शरीयत सलाहकार बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुरूप होगा.

यह सूचकांक मुसलमानों को शेयर बाजार में आकर्षित करने के लिए शुरु किया जा रहा है.

बीएसई के इस तासिस शरीया 50 सूचकांक में बीएसई 500 की उन कंपनियों के शेयर होंगे जो वित्तीय कारोबार में शरीयत के नियमों को मानते हैं.

भारत में मुसलमानों पर हुए अध्ययनों में यह सामने आया है कि मुसलमानों की वित्तीय क्षेत्रों में भागीदारी बेहद कम है.

इसकी वजह है कि इस्लामी कानून उन कंपनियों में निवेश की इजाज़त नहीं देता जो शराब, तंबाकू और हथियारों जैसी चीज़ों का व्यापार करती हों. इस्लामी कानून के मुताबिक उन कंपनियों में भी निवेश की अनुमति नहीं हैं जो इन चीज़ों के व्यापार से जुड़े सूद पर चलती हों.

बीएसई के प्रबंध निदेशक मधु कानन के मुताबिक बीएसई तासिस शरीया 50 सूचकांक से मुसलमानों का शेयर बाजार में निवेश बढ़ेगा साथ ही वो लोग भी निवेश के लिए आगे आएंगे जो शरीयत को मानते हैं.

बीएसई को उम्मीद है कि उनके इस कदम से यूरोप, खाड़ी और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से भी निवेश आएगा.

कानन ने कहा, ''यह सूचकांक मुसलमानों में निवेश को लेकर जागरुकता पैदा करेगा और उन्हें वित्तीय क्षेत्र से जोड़ेगा.''

अधिकारियों के अनुसार इस सूचकांक में शामिल कंपनियों की हर महीने समीक्षा की जाएगी ताकि संबंधित नियमों के आधार पर उन्हें आंका जा सके.

संबंधित समाचार