हत्या के मामले में समझौते से इनकार

शारजाह
Image caption भारतीयों और पाकिस्तानी नागरिकों के बीच झगड़ा शारजाह के पास एक मज़दूर कैंप में हुआ था.

शारजाह में एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए 17 भारतीयों ने इस मामले में मृतक के परिवारवालों से समझौता करने को इनकार कर दिया है.

भारतीयों का बचाव कर रही वकील बिंदु सुरेश चेट्टुर का कहना है कि मृत पाकिस्तानी नागरिक के परिवारवालों ने अदालत में कहा है कि वे मौत के लिए मुआवज़ा लेने के लिए तैयार हैं लेकिन हमने मना कर दिया है क्योंकि हमारा पक्ष मज़बूत है.

उनका कहना था कि अभियोग पक्ष इस घटना, जिस हथियार से ये हत्या की गई है और जहां ये अपराध हुआ है उनके बीच संबंध स्थापित करने में विफल हो गया है.

वकील का कहना था,''वह हमारे ख़िलाफ़ न ही कोई सबूत पेश कर पाए हैं और न ही कोई हथियार बरामद हुआ है.''

अगली सुनवाई

अब अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 17 फरवरी की तारीख़ तय की है और अभियोजन पक्ष से और गवाह पेश करने को कहा है.

वर्ष 2009 के जनवरी महीने में भारतीय और पाकिस्तानी समूह के बीच शराब की तस्करी पर विवाद हुआ. लड़ाई इस बात को लेकर थी कि कौनसा इलाक़ा किसके हिस्से में आएगा. इस विवाद में पाकिस्तानी नागरिक मिस्री नज़ीर खां की मौत हो गई थी.

ये विवाद शाहजाह में एक मज़दूर कैंप के पास हुआ था.

इस मामले में 17 भारतीयों को गिरफ़्तार किया गया था और बाद में उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई थी.

इस वर्ष 17 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान बचावपक्ष ने अपने जो भी गवाह पेश किए थे उनसे अभियोजन पक्ष को सवाल जवाब करना था लेकिन वो नहीं हो सका.

इसकी बजाय ये अपराध किस तरह से हुआ था उसके नाट्य रूपांतरण की एक सीडी पेश कर दी गई थी.

उधर जिन पुलिस अधिकारियों को अदालत में पेश होना था वे भी नहीं आए.

अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाहों को पेश करने का निर्देश दिया है. इसमें शारजाह पुलिस के उस अधिकारी का नाम शामिल है जिन्होंने इस बारे में रिपोर्ट बनाई थी और उसके आधार पर अपराध सिद्ध किया गया था.

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