जोशी का जेपीसी पर स्पष्टीकरण

मुरली मनोहर जोशी
Image caption मुरली मनोहर जोशी पीएसी के चेयरमैन भी हैं

2-जी स्पैक्ट्रम मामले की जाँच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग पर अपना रुख़ स्पष्ट करते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि वे अपनी पार्टी की मांग को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

मुरली मनोहर जोशी लोक लेखा समिति (पीएसी) के चेयरमैन भी हैं. पीएसी 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में हुए कथित घोटाले की जाँच कर रही है.

पिछले दिनों एक संवाददाता सम्मेलन में मुरली मनोहर जोशी ने कहा था कि पीएसी के पास जाँच के व्यापक अधिकार हैं और अगर ज़रूरी हुआ तो समिति के सामने पेश होने की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रस्ताव पर विचार हो सकता है.

मुरली मनोहर जोशी की इस टिप्पणी के बाद कुछ हलकों से ये बात उठने लगी थी कि भाजपा और मुरली मनोहर जोशी की राय अलग-अलग है.

मांग

भाजपा इस मामले की जाँच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग कर रही है और पार्टी ने इस मांग को लेकर पिछले दिनों संसद की कार्यवाही नहीं चलने की.

अब भाजपा ने मुरली मनोहर जोशी ने अपना रुख़ स्पष्ट करते हुए कहा है कि पार्टी के सदस्य के नाते वे जेपीसी की मांग का समर्थन करते हैं.

एक बयान जारी करके उन्होंने कहा, "भाजपा सदस्य के रूप में मैं जेपीसी की मांग को लेकर प्रतिबद्ध हूँ, भ्रष्टाचार से जुड़े व्यापक सवालों की जाँच हो सके."

केंद्र सरकार ने जीपीसी की मांग को ठुकरा दिया था लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीएसी के सामने पेश होने का प्रस्ताव रखा था.

मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार के दूसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय है.

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