दुराचार का आरोप, विधायक निलंबित

विधायक नरेश द्विवेदी
Image caption पुलिस की दर्ज की गई शिकायत के अनुसार बांदा में बलात्कार हुआ था

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बांदा के शीलू दुराचार कांड को तूल पकड़ते देख बहुजन समाज पार्टी के अभियुक्त विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को दल की सदस्यता से निलंबित कर दिया है.

द्विवेदी बांदा के नरैनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और उन पर निषाद समुदाय की एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप है.

लेकिन विधायक नरेश द्विवेदी ने दुराचार के आरोपों का खंडन करते हुए पूरे मामले को एक राजनीतिक साज़िश बताया है.

इससे पहले विधायक परिवार ने पीड़ित लड़की पर चोरी का मुकदमा किया था जिसके आधार पर पुलिस ने 15 दिसंबर को उन्हें गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था.

मुख्यमंत्री के आदेश पर सीबी-सीआईडी ने मामले की जांच शुरु कर दी है लेकिन विपक्ष संतुष्ट नही है और वह सीबीआई जांच की मांग कर रहा है.

कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि अगर विधायक नरेश द्विवेदी सीआईडी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो वह जेल जाएंगे और पार्टी से बर्खास्त कर दिए जाएंगे.

शेखर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री मायावती अपनी पार्टी के दोषी विधायकों और सांसदों को जेल भेजने से परहेज़ नही करती जबकि दूसरे दलों के शासन में ऐसा नही होता था.

दूसरी तरफ बांदा से विपक्षी कांग्रेस पार्टी के विधायक विवेक कुमार सिंह ने सीआईडी जांच के आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.

Image caption मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि अगर आरोप सिद्ध हों तो विधायक को पार्टी से निकाल देंगी

विवेक सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि ज़िले के पुलिस कप्तान ने विधायक को बचाने के लिए जेल के अंदर जाकर पीड़ित लड़की को धमकाया जो गैरकानूनी है और इसकी शिकायत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से की गई है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी और भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही पीड़ित लड़की से मिलने के लिए गए थे लेकिन बांदा जेल प्रशासन ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नही दी.

डराने-धमकाने का आरोप

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सरकार पर आरोपी विधायक को बचाने का आरोप लगाया है.

उधर लड़की के पिता अच्छे लाल निषाद ने आरोप लगाया है कि विधायक उनके परिवार को डरा धमका रहे हैं. अच्छे लाल बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता बताए जाते हैं.

ख़बरों के अनुसार कथित दुराचार की शिकार लड़की शीलू की माँ की मौत हो चुकी है. वह अपने पिता से नाराज होकर सीमावर्ती मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में ग्राम हरनामपुर में अपने ननिहाल में रह रही थी. बताया जाता है कि ननिहाल वालों ने पैसा लेकर उसकी शादी कर दी थी.

लड़की के परिवार वालों ने तीन नवंबर को शीलू की गुमशुदगी की रिपोर्ट मध्यप्रदेश के पन्ना पुलिस स्टेशन में लिखायी थी.

बाद में उसके पिता ने विधायक नरेश द्विवेदी की मदद से लड़की को खोजकर उसे विधायक के ही घर पर रख दिया.

कुछ दिनों बाद लड़की विधायक के घर से गायब हो गई. बाद में चौदह दिसंबर को विधायक के बेटे मयंक द्विवेदी ने उस पर मोबाइल फोन और कुछ रुपए चोरी कर गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया.

पुलिस के अनुसार लड़की को चोरी के सामान के साथ गिरफ़्तार कर उसे जेल भेज दिया गया.

लेकिन लड़की के भाई का कहना है कि लड़की जब अदालत में पेशी के लिए लाई गई तब उसने अपने साथ विधायक के घर पर दुराचार की बात बताई.

एक स्थानीय पत्रकार का कहना है कि इस मामले में बांदा बहुजन समाज पार्टी की आंतरिक गुटबाजी भी काम कर रही है. विधायक द्विवेदी माया सरकार में सबसे शक्तिशाली मंत्री लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के विरोधी गुट के हैं.

संबंधित समाचार