पाक ज़बरदस्ती विरोध करने की नीति छोड़े: कृष्णा

एसएम कृष्णा
Image caption कृष्णा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान पर विचार व्यक्त किए

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि वे उम्मीद करते हैं कि 'पाकिस्तान भारत के साथ सकारात्मक रिश्तों का महत्व समझेगा और ज़बरदस्ती विरोध के रुख़ को छोड़ देगा.'

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने ये विचार व्यक्त किए हैं.

उन्होंने कहा, "भारत ने अपने पड़ोसियों से संबंध बेहतर करने के लिए आगे बढ़कर प्रयास किए हैं...हम दिल से उम्मीद करते हैं कि हमारा पड़ोसी हमारे साथ सकारात्मक रिश्तों का महत्व समझेगा और ज़बरदस्ती विरोध करने के रुख़ को छोड़ देगा."

'माहौल आतंकवाद से मुक्त हो'

विदेश मंत्री कृष्णा ने एक सवाल के जवाब में कहा, "पाकिस्तान से हमारी उम्मीद केवल इतनी है कि वह अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में सक्रिय आतंकवाद के तंत्र को ख़त्म कर दे. गंभीर और दीर्घकालिक वार्ता तभी भली-भांति चल सकती है जब यदि माहौल आतंकवाद के मुक्त और शांतिपूर्ण हो."

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान कहता रहा है कि वह अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र से भारत के ख़िलाफ़ चरमपंथी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देता है. कश्मीर के मुद्दे पर भी पाकिस्तान का कहना है कि वह कश्मीरियों को केवल नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देता है.

उनका कहना था, "आतंकवाद की आज की दुनिया में कोई जगह नहीं है - फिर वो चाहे किसी सरकार का चलाया हो या नहीं. इसे दृढ़ता से किए गए प्रयासों से जड़ से उखाड़ फेंकने की ज़रूरत है."

कृष्णा का कहना था कि उन्हें आने वाले दिनों में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी की भारत यात्रा से उम्मीदें हैं.

हालाँकि उन्होंने क़ुरैशी की भारत यात्रा की तारीख़ नहीं बताई पर उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय बातचीत के ज़रिए सभी मुद्दों पर बात करना चाहता है.

चीन के साथ भारत के रिश्तों पर कृष्णा का कहना था कि दोनों देशों की एक दूसरे की प्राथमिकताओं और रुख़ के बारे में बेहतर समझ बनी है. उन्होंने कहा कि हम बराबरी, एक दूसरे के मसलों में दख़ल न देने और एक दूसरे का सम्मान करने के आधार पर सभी पड़ोसियों के साथ सौहार्द और सहयोग के रिश्ते चाहते हैं.

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