आरुषि मामला: 'जाँच बंद करने की जल्दी क्यों'

राजेश तलवार
Image caption आरुषि के माता-पिता ने रविवार को कहा था कि सीबीआई ने उन्हें पूरी उम्र के लिए मुजरिम बना दिया

चर्चित आरुषि तलवार हत्याकांड की जाँच कर रहे केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को विशेष अदालत में ये मामला बंद करने के लिए अर्ज़ी दाख़िल कर दी और अदालत ने इसे दर्ज भी कर लिया है.

कोर्ट ने इस मामले से संबंधित कुछ और दस्तावेज़ माँगे हैं और सीबीआई के मामला बंद करने के अनुरोध पर सुनवाई सात जनवरी को होगी.

ग़ौरतलब है कि 15 मई 2008 की रात को डॉक्टर राजेस तलवार और नूपुर तलवार की बेटी आरुषि की उनके नोएडा स्थित घर पर हत्या कर दी गई थी. अगले दिन घर की छत से परिवार के नौकर हेमराज का भी शव मिला था.

सीबीआई ने इससे पहले कहा था कि उसे इस मामले में पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाए हैं जिससे किसी के भी ख़िलाफ़ हत्या का अभियोग चलाया जा सके.

इस पर आरुषि के माता-पिता ने अपनी निराशा व्यक्ति की थी लेकिन इस बीच मीडिया में छपी रिपोर्टों में सीबीआई की ओर से कहा गया था शक़ की सुई राजेश तलवार की ओर घूमती है लेकिन उनके ख़िलाफ़ जाँच एजेंसी के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं.

सीबीआई ने ये भी कहा कि जिन तीन नौकरों पर पहले शक़ था, उनके बारे में सबूत मिले हैं कि वे हत्या की रात को किसी न किसी जानकार या संबंधी के साथ थे और उनके ख़िलाफ़ अभियोग नहीं चलाया जा सकता है.

'तलवार का अनुरोध ठुकराया'

सोमवार को अदालत में जब सुनवाई शुरु हुई तो अदालत ने सीबीआई के वकील से पूछा, "मामला बंद करने की रिपोर्ट दर्ज करने की जल्दी क्या थी. मामला बंद करने के साथ जो दस्तावेज़ लगाए जाते हैं, वे कहाँ हैं?"

इसके बाद अदालत ने कहा कि मामला बंद करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है.

सीबीआई के वकील एके सैनी का कहना था, "हमारी प्रक्रिया ये होती है कि जब हम मामला बंद करने का फ़ैसला करते हैं तो उसके बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली जाती है."

जब राजेश और नूपुर तलवार के वकील ने सीबीआई के मामला बंद करने के फ़ैसले का विरोध करते हुए अर्ज़ी दी और अनुरोध किया कि सीबीआई को ऐसा न करने दिया जाए, तो अदालत ने फ़िलहाल इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया.

अदालत का कहना था कि अभी इस बारे में अर्ज़ी दाख़िल करना जल्दबाज़ी होगी.

इससे पहले रविवार को आरुषि की माँ नूपुर तलवार ने कहा था कि सीबीआई ने अपनी कथनी से उन्हें 'ज़िंदगी भर के लिए मुजरिम बना दिया है.'

नूपुर तलवार ने कहा, "सीबीआई का काम तो आ­­­­रुषि के हत्यारों को पकड़ना था, ना कि एक आसान रास्ता अपनाकर केस को बंद कर देना. सीबीआई ने हमें ज़िंदगी भर के लिए मुजरिम बना दिया है."

जब राजेश और नूपुर तलवार के वकील ने

संबंधित समाचार