करकरे से बात के 'रिकॉर्ड' पेश किए

दिग्विजय सिंह
Image caption दिग्विजय सिंह पहले भी हिंदुत्ववादी संगठनों के ख़िलाफ़ बयान देते रहे हैं

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने हेमंत करकरे से संबंधित टेलीफ़ोन कॉल के 'रिकॉर्ड' सार्वजनिक किए हैं.

इन दस्तावेज़ों के ज़रिए उन्होंने एक बार फिर दावा किया है कि मुंबई में 26/11 के हमले के दिन उन्हें हेमंत करकरे ने फ़ोन करके कहा था कि मालेगाँव धमाकों की जाँच का विरोध करने वालों से उन्हें धमकियाँ मिल रही हैं.

दिग्विजय सिंह ने छह दिसंबर 2010 में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि हेमंत करकरे ने उनसे मुंबई हमलों के कुछ घंटे पहले फ़ोन पर बात की थी और कहा था कि 'वे लगातार मिलने वाली धमकियों से बहुत परेशान हैं'.

अब तक इस फ़ोन कॉल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे. लेकिन मंगलवार को दिग्विजय सिंह ने कुछ दस्तावेज़ जारी किए हैं और उनका दावा है कि ये दर्शाते हैं कि उनकी और हेमंत करकरे की बात हुई थी. उन्होंने कहा कि बात महाराष्ट्र एटीएस के आधिकारिक लैंडलाइन नंबर पर हुई थी.

हालांकि जब उनसे पूछा गया कि इन दस्तावेज़ों से ये पता नहीं चलता कि दोनों में क्या बातचीत हुई थी तो उनका कहना था, "मैं मूल्यों में विश्वास करता हूँ. मैं न तो किसी का फ़ोन टैप करता हूँ न ही इसकी सिफ़ारिश करता हूँ."

आरोप

दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, "मुझ पर इसलिए निशाना साधा जा रहा है क्योंकि मैने हिंदू चरपमंथ के मुद्दे को उठाया है. मध्यप्रदेश सरकार ने उन लोगों को बचाने की कोशिश है जिनका नाम मालेगाँव हमलों में आ रहा है.मुझ पर दोष लगाया जा रहा है कि मैं देशद्रोही हूँ लेकिन हमलों से जुड़े लोगों की रक्षा करना राष्ट्र भक्ति है?"

उन्होंने कहा कि जब हरियाणा पुलिस समझौता एक्सप्रेस धमाके की जाँच कर रही थी तो उसके तार इंदौर से जुड़े मिले लेकिन मध्यप्रदेश पुलिस ने सहयोग नहीं दिया.

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बम धमाकों की जाँच से जुड़े सारे मामले राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को सौंप दिए जाने चाहिए. उनका कहना था कि वे ये मुद्दा उठाकर इसे राजनीतिक रूप देने का प्रयास नहीं कर रहे.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मालेगाँव धमाके से जुड़े गिरफ़्तारियों के बाद देश में होने वाले बम धमाकों में कमी आई है.

मालेगाँव धमाका

हेमंत करकरे अपने अन्य साथियों समेत मुंबई हमलों के दौरान मारे गए थे.दिग्विजय सिंह के अनुसार हेमंत करकरे का कहना था कि उन्हें ये धमकियाँ उन लोगों से मिल रही हैं जो मालेगाँव धमाकों की जाँच का विरोध कर रहे हैं.

एटीएस ने इस सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था जिसमें हिंदू धार्मिक गुरु साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, अभिनव भारत नाम का संगठन चलाने वाले समीर कुलकर्णी और भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी शामिल थे.

सितंबर 2008 में महाराष्ट्र के मालेगाँव की एक मस्जिद के बाहर हुए धमाके में चार लोग मारे गए थे और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे.

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