बिहार में विधायक की चाकू मारकर हत्या

बिहार विधानसभा
Image caption केसरी चौथी बार बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए थे

बिहार में पूर्णिया के भाजपा विधायक राजकिशोर केसरी पर उनके निवास पर एक महिला ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी है.

राज्य के पुलिस प्रमुख नीलमणि के अनुसार चाकू उनके ताप-तिल्ली में लगा और अत्यधिक ख़ून बहने की वजह से उनकी तत्काल मौत हो गई.

उन्होंने हमला करने वाली महिला का नाम रूपम पाठक बताया है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि विधायक पर हमला किए जाने के बाद वहाँ मौजूद विधायक के समर्थकों ने रूपम पाठक की जमकर पिटाई की. घायल अवस्था में उन्हें गिरफ़्तार कर अस्पताल ले जाया गया है.

एक स्कूल चलाने वाली इस महिला ने पहले विधायक केसरी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था.

लेकिन राजकिशोर केसरी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उनके चरित्र हनन की कोशिश कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को घटनास्थल पर जाने को कहा है.

साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इसके बाद से किसी भी मंत्री या विधायक से मिलने वाले लोगों को बिना जाँच न मिलने दिया जाए.

हमला

लगातार चौथी बार पूर्णिया के विधायक बने राजकिशोर केसरी पर उस समय हमला किया गया जब वे अपने निवास पर लोगों से मुलाक़ात कर रहे थे.

राज्य पुलिस महानिदेशक के अनुसार हमला करने वाली महिला रूपम पाठक भी मुलाक़ात करने वालों के साथ थीं और उन्होंने शॉल ओढ़ रखा था.

उनका कहना है कि जैसे ही विधायक उनके नज़दीक आए महिला ने उन पर चाकू से हमला कर दिया. उन्होंने एक बयान में कहा है कि चाकू ताप-तिल्ली (स्प्लीन) में लगा और अत्यधिक ख़ून बहने की वजह से तत्काल ही उनकी मौत हो गई.

हालांकि उन्हें अस्पताल ले जाया गया था.

इस बीच विधायक के समर्थकों ने रूपम पाठक की जमकर पिटाई की.

पुलिस का कहना है कि बुरी तरह से घायल अवस्था में उन्हें गिरफ़्तार किया गया है और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

पुराना मामला

रूपम पाठक वही महिला हैं जिन्होंने इससे पहले विधायक केसरी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था.

पुलिस महानिदेशक का कहना है कि वे यह मामला हार गई थीं और माना जा रहा है कि रूपम पाठक इसी वजह से परेशान थीं.

लेकिन राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी का कहना है कि रूपम पाठक ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान में कहा था कि उन पर दबाव डालकर राजकिशोर केसरी के ख़िलाफ़ बयान दिलवाया गया था.

राजकिशोर केसरी ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया.

उनका कहना था कि उनके प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक कारणों से उनकी चरित्र हत्या कर रहे हैं.

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