महंगाई और बढ़ी, सरकार चिंतित

सब्ज़ी बाज़ार

भारत में दिसंबर की 25 तारीख़ को ख़त्म हुए हफ़्ते में मुद्रास्फीति यानी महंगाई की दर 18.32 फीसदी दर्ज की गई.

महंगाई की यह दर वर्ष 2010 में सबसे अधिक है. माना जा रहा है कि प्याज़ और सब्ज़ियों के बढ़ते दाम ने मंहगाई बढ़ाई है.

मंहगाई पर हर हफ़्ते जारी होने वाले ये सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में पांचवें हफ़्ते भी बढ़ोत्तरी हुई है.

वित्त मंत्री ने इन आंकड़ों के जारी होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''मंहगाई और बढ़ रही है और ये चिंता का विषय है.''

आकलन

इससे पहले हफ़्ते में महंगाई की दर 14.44 फीसदी दर्ज की गई थी.

हालांकि प्रणब मुखर्जी का कहना था कि अभी मंहगाई को लेकर अंतिम आकलन करना बाक़ी है क्योंकि पूरे दिसंबर महीने के लिए अभी भी पूरे आंकड़े नहीं आए हैं.

उनका कहना था, ''ये हफ़्तों के आधार पर आंकड़े हैं. अभी हमें महीने भर के आकलन का इंतज़ार करना चाहिए.''

इस हफ़्ते थोक बाज़ार में सब्ज़ियों के दाम में 58.58 फीसदी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई.

जहां सबसे ज़्यादा मार प्याज़ पर पड़ी. प्याज़ के दाम में 82.47 फीसद वृद्धि देखी गई वहीं अंडों, मांस और मछली में 20.83 फीसदी की तेज़ी आई. फलों में 19.99 फीसदी बढ़ोतरी हुई तो दूध के दाम में 19.59 फीसदी बढ़े.

मंहगाई में जिस तरह से बढ़ोत्तरी हो रही है उसके बाद माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति को और कड़ा कर सकता है.

महंगाई पर लगाम लगाने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के बारे में रिज़र्व बैंक अपनी तिमाही समीक्षा बैठक में फ़ैसला ले सकता है.

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