बिनायक मामले में रिकॉर्ड तलब

बिनायक सेन

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने शुक्रवार को बिनायक सेन मामले में रायपुर की निचली अदालत के रिकॉर्ड को तलब किया है.

रायपुर की निचली अदालत ने उन्हें राजद्रोह का दोषी पाया था और उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. इसके ख़िलाफ़ बिनायक सेन ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपील दायर की है.

इस अपील पर गुरुवार को सुनवाई थी.इस मामले में अगली सुनवाई २४ जनवरी को होगी.

बिनायक सेन के वकील महेंद्र दुबे ने बीबीसी को बताया,"ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हमने क्रिमिनल अपील पेश की है और उस अपील के साथ सज़ा के निलंबन का भी एक आवेदन है जिसे आमतौर पर ज़मानत की अर्ज़ी भी कहा जा सकता है." बिनायक सेन के अलावा दो अन्य लोगों को भी सज़ा सुनाई गई है. इनमें पियूष गुहा और कथित रूप से भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पोलित ब्यूरो के सदस्य नारायण सान्याल शामिल हैं. बिनायक सेन की याचिका में कहा गया है कि अधिनस्त न्यायालय का फ़ैसला ऐसे सबूतों पर आधारित है जो पर्याप्त नहीं हैं.

वकील महेंद्र दुबे का कहना है,"निचली अदालत का फ़ैसला ऐसे तथ्यों पर या सबूतों पर आधारित है जो किसी आपराधिक मामले या इस आपराधिक मामले को स्थापित करने के लिए काफी नहीं हैं" बिनायक सेन की अपील के अलावा उनके साथ अभियुक्त बनाए गए पियूष गुहा की तरफ़ से भी एक अलग अपील दयार की गई है.

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