हिंसा में आठ लोगों की मौत

शवयात्रा
Image caption गोलीबारी में आठ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए.

पश्चिम बंगाल के लालगढ़ इलाक़े के नेताइ गांव में हुई हिंसा में आठ लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

पुलिस का कहना है कि राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) और प्रमुख विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प की वजह से ये मौतें हुई हैं.

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिंदबरम ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को पत्र लिखा है.

इस पत्र में चिंदबरम ने मुख्यमंत्री से स्थिति की समीक्षा के लिए अपनी यात्रा का कार्यक्रम बदलकर जल्द से जल्द दिल्ली आने का अनुरोध किया है.

बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली का कहना है कि नेताइ गांव में हथियारों से लैस सीपीएम के कुछ कार्यकर्ता कैंप बना कर रह रहे थे और इस कैंप के ख़िलाफ़ गांव वाले प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान कैंप की तरफ़ से गोलीबारी शुरू हो गई.

इस गोलीबारी में आठ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं.

लेकिन सीपीआईएम ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनके लोगों के पास हथियार नहीं थे और उन्होंने कोई गोली नहीं चलाई है.

'नरसंहार'

इस घटना के विरोध में लोगों ने रास्ता रोका और घटना में मारे गए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के शव लेकर सड़कों पर जुलूस निकाले.

केंद्रीय रेल मंत्री ममता बैनर्जी ने इस घटना को 'नरसंहार' कहा है और वे शनिवार को घटनास्थल का दौरा करेगी.

वहीं सोमवार को मिदनापुर में बंद का ऐलान किया गया है.

सीपीएम के नेता बिमान बोस ने ममता बैनर्जी के बयान का विरोध करते हुए कहा है कि इस हिंसा में उनकी पार्टी के कुछ नेता भी घायल हुए हैं और ये गोली तृणमूल कांग्रेस और माओवादियों के बीच चली थी.

राज्य के गृह सचिव जीडी गौतम ने इसे राजनैतिक हिंसा की घटना करार दिया है.

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