'भारत बेहतर उदाहरण'

विश्व आर्थिक मंच ने विदेशों में बसे भारतीयों को रिझाने के लिए भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की है.

विश्व आर्थिक मंच का कहना है अब प्रतिभा एक जगह पर नहीं रुकती है और ये विश्व के आर्थिक विकास लिए अच्छी बात है.

ब्रेन सर्कुलेशन यानी प्रतिभा के प्रसार से विश्व में ज्ञान का आदान-प्रदान तेज़ी से होता है.

विश्व आर्थिक मंच का कहना है कि भारत इस मामले में सबसे बेहतर उदहारण है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लोगों ने विश्व भर के 110 से ज़्यादा देशों मे व्यापार और राजनीति के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है जिनमें फ़िजी से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक शामिल हैं.

अहमियत

सरकारी आकलन के मुताबिक़ तीन करोड़ भारतीय विदेशों में रहते हैं.

भारत की बौद्धिक संपदा के महत्व का ज़िक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों ने शिक्षा क्षेत्र में अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोप में अपनी अलग पहचान बनाई है. सिलिकॉन वैली में उच्च तकनीक के मामले में भी भारतीय प्रमुख है.

इसके अलावा विकासशील देशों में भी भारतीयों ने स्वास्थ्य क्षेत्र, काऩून क्षेत्र और इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है.

रिपोर्ट ने स्वीकार किया है कि भारत सरकार भी विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के महत्व को समझती है और उनको वापस भारत की ओर आकर्षित करने के लिए कई क़दम उठा रही है, प्रतिभा के प्रसार के लिए भारत सरकार की ओर से विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.

विश्व आर्थिक मंच का मानना है कि भारत की तरह ही अन्य देश भी प्रतिभा को लुभाने के लिए इसी तरह के प्रयास कर रहे हैं.

हालाँकि विश्व आर्थिक मंच ने ये भी कहा है कि किसी भी देश के लिए बौद्धिक संपदा को वापस लाना इतना आसान नहीं है.

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