उड़ीसा: मुठभेड़ में 'नौ माओवादी' मारे गए

Image caption मुठभेड़ में किसी पुलिसवाले के घायल होने की खबर नहीं है.

उड़ीसा के रायगढ़ ज़िले में सुरक्षाबलों और 'माओवादियों' के बीच हुई मुठभेड़ में नौ 'माओवादी' मारे गए हैं.

राज्य के दक्षिण-पश्चिमी रेंज के डीआईजी सोमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि यह मुठभेड़ रायगढ़ा के मांडीबीसी इलाके में शनिवार मध्य रात्रि के बाद हुई. घटना स्थल से भारी मात्रा में गोला बारूद भी बरामद हुआ है.

उन्होंने बताया, ''मारे गए माओवादियों के पास से एसएलआर बंदूके मिली हैं जिससे यह साबित होता कि यह सभी माओवादी प्रशिक्षित थे और बड़े आपरेशनों से जुड़े थे. ''

रायगढ़ पुलिस के अनुसार उन्हें मांडीबीसी में एक 'माओवादी शिविर' होने कि खबर मिली. इसके बाद माओवादियों से मुकाबले के लिए बनाए गए 'स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप' यानि एसओजी की सहायता मांगी गई.

मध्य रात्रि के बाद एसओजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस शिविर पर धावा बोल दिया. यह आपरेशन रातभर चला जिस दौरान नौ माओवादियों की मौत हो गई.

मुठभेड़ में किसी पुलिसवाले के घायल होने की खबर नहीं है.

अन्य घटनाएं

इस बीच झारखंड रीजनल कमेटी के प्रवक्ता समर जी ने बीबीसी को बताया कि कल देर रात उड़ीसा के सुंदरगढ़ इलाक़े में बंडामुंडा थाना क्षेत्र में एक पंचायत भवन को विस्फोटकों से उड़ा दिया गया.

बिसरा में एक ब्लॉक भवन को विस्फोटकों से उड़ा दिया गया और राउरकेला-टाटा रेललाइन को भी विस्फोटकों से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है.

राउरकेला-राँची रेललाइन में एक मालगाड़ी इंजन को आग के हवाले कर दिया गया. उन्होंने कहा कि ये सभी कार्रवाइयाँ पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य नारायण सान्याल और मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉक्टर बिनायक सेन को आजन्म कारावास की सज़ा दिए जाने के विरोध में की गई हैं.

समर जी ने कहा कि इन घटनाओं में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई है. उन्होंने कहा कि माओवादी पार्टी आम रेलयात्रियों को किसी तरह का नुक़सान नहीं पहुँचाएगी और न ही उनके लिए कोई परेशानी पैदा करना चाहती है.

उड़ीसा के नुआपाड़ा ज़िले में भी 'माओवादियों' के एक शराब के अड्डे को निशाना बनाने की ख़बर है. इस हमले के दौरान माओवादियों ने शराब के अड्डे को नष्ट कर दिया और चार लोगों को बंधक बना लिया. फिलहाल इन लोगों की रिहाई को लेकर कोई मांग रखे जाने की ख़बर नहीं है.

पिछले कुछ दिनों में माओवादी विरोधी अभियान को लेकर राज्य पुलिस ने कई सफलताओं का दावा किया है. पिछले हफ़्ते उड़ीसा पुलिस ने जाजपुर ज़िले के जंगलों में भी 'पांच माओवादियों' के मरने की पुष्टि की थी. मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल थीं.

बारगढ़ ज़िले में एक मुठभेड़ के नाम पर पुलिस पर दो निर्दोष लोगों क़ी हत्या के अरोप भी लगे हैं.

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