'दुनिया भर के मुसलमानों को नुक़सान हुआ'

भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कहना है कि देश के बँटवारे का भारतीय मुसलमानों को ही नहीं पूरी दुनिया के मुसलमानों को ‘भारी नुक़सान’ पहुँचा है.

वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर की किताब 'टिंडरबॉक्स: द पास्ट एन्ड फ़्यूचर ऑफ़ पाकिस्तान' के विमोचन समारोह में हामिद अंसारी ने कहा कि भारत का हित एक स्थिर पाकिस्तान में है.

उपराष्ट्रपति अंसारी का कहना था कि भारत का बँटवारा सम्भ्रांत तबक़े ने राजनीतिक सामंजस्य बनाने के लिए किया था और ये आम जनता के अलग होने की इच्छा का नतीजा नहीं था.

इसी समारोह में मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक बार फिर जिन्ना का ज़िक्र किया और कहा कि पाकिस्तान को उसके संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना एक मुस्लिम बहुल धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाना चाहते थे.

पर पाँच साल पहले जिन्ना की तारीफ़ करने पर देश में मचे बवाल को याद कर के मज़ाक में आडवाणी ने कहा कि निजी तौर पर स्वयं इस बात के गवाह हैं कि जिन्ना की तारीफ़ कितनी भारी पड़ सकती है.

आपको याद होगा कि आडवाणी को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था और पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी.

पर लगता है कि आडवाणी आज भी अपने राजनीतिक जीवन का वो अध्याय भूल नहीं पाए है जिसमें पाकिस्तान जा कर जिन्ना के धर्मनिरपेक्ष पाकिस्तान गठित करने के बयान देने उनको राजनीति के संन्यास के क़रीब ले गया था.

'पाकिस्तान एक जेली'

पुस्तक के लेखक एमजे अकबर का कहना था कि पाकिस्तान में पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर अगर भारत में होते तो आज ज़िंदा होते.

आडवाणी ने भी कहा कि उससे भी हैरान करने की बात ये थी कोई भी उनके जनाज़े की नमाज़ पढ़ने भी आगे नहीं आया.

वहीं वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने एक यथार्थ की ओर ध्यान खींचा, "हम अपने पड़ोसी नहीं बदल सकते इसलिए पाकिस्तान की स्थिरता हमारे हित में है."

अकबर का कहना था कि 'पाकिस्तान एक जेली की तरह है जो कभी स्थिर नहीं होगी और न ही जिसका अस्तित्व कभी मिटेगा.'

उनका ये भी कहना था कि मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने सालों पहले ही ये भविष्यवाणी कर दी थी कि पाकिस्तान विदेशी ताक़तों का अखाड़ा बन जाएगा.

'टिंडरबॉक्स' में अकबर का विश्लेषण है कि पाकिस्तान का आधार एक नकारात्मक सोच है वहीं भारत की स्थापना एक प्रगतिशील सोच पर हुई है.

उनका कहना है, "पाकिस्तान से बड़ा पाकिस्तानी है पर भारतीय भारत से बड़ा नहीं, यहीं दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा फ़र्क़ है."

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