'घोषणाओं पर अमल नहीं करता भारत'

पाकिस्तान ने भारतीय गृह सचिव जी के पिल्लई के उस बयान को रद्द कर दिया है जिस में उन्होंने भारत प्रशासित कश्मीर से सैनिकों की संख्या कम करने की उम्मीद जताई है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “भारत ने कश्मीर में सेना में कमी की कई बार घोषणा की है लेकिन उस पर कभी भी अमल नहीं किया गया है.”

उन्होंने कहा, “हम समझते हैं कि अब भारत को कश्मीर की समस्या को गंभीरता से हल करने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि इस प्रकार के क़दम केवल ऐलान भर रह जाते हैं.”

ग़ौरतलब है कि भारत के गृह सचिव जी के पिल्लई ने कहा था कि भारत सरकार को उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में जम्मू-कश्मीर में तैनात सैनिकों की संख्या 25 प्रतिशत कम हो जाएगी.

पिल्लई ने कहा था कि श्रीनगर में पहले ही सैनिकों की संख्या कम कर दी है क्योंकि आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तादाद कम से कम होनी चाहिए.

'नाराज़ हैं कश्मीरी'

अब्दुल बासित के अनुसार भारत को यह फ़ैसला लेना चाहिए की कश्मीर एक विवादास्पद इलाक़ा है और इस मुद्दे को हल करने के लिए उस से पाकिस्तान के साथ समग्र वार्ता शुरु करनी चाहिए.

उन्होंने बताया, “जब तक भारत यह फ़ैसला नहीं लेता उस वक़्त तक इस प्रकार की घोषणाओं से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा.”

उन्होंने कहा कि कश्मीरी जनता भारत से नाराज़ हैं. भारत को इसका एहसास होना चाहिए और पता होना चाहिए कि वह क्यों नाराज़ हैं. भारत ने कश्मीरियों से जो वादा किया था उसे आज तक पूरा नहीं किया है.

गृह सचिव ने ये बयान दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया की ओर से कश्मीर पर आयोजित एक गोष्ठी के बाद दिया था.

पिछले साल जम्मू कश्मीर में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों में काफ़ी तेज़ी आई थी जिसके बात वहां के लोगों का विश्वास जीतने के लिए सरकार ने स्वतंत्र वार्ताकारों का एक दल भी नियुक्त किया था.

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