सबरीमाला हादसे में 102 लोगों की मौत

सबरीमाला में श्रद्धालु
Image caption श्रद्धालु सबरीमाला में मकरज्योति के दर्शन के बाद घर लौट रहे थे.

केरल के इडक्की ज़िले के पुल्लुमेडू में मची भगदड़ में सबरीमाला मंदिर से लौट रहे 102 श्रद्धालु मारे गए हैं.

इडक्की के ज़िलाधिकारी अशोक कुमार ने बीबीसी के साथ बातचीत में मरने वालों की संख्या की पुष्टि की है.

उन्होंने बताया, "दुर्घटना के समय वहाँ एक लाख लोग मौजूद थे. 50 लोग घायल हुए हैं. राहत कार्य चल रहा है. लेकिन इसमें मुश्किलें भी आ रही हैं."

अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं से भरी एक जीप ने नियंत्रण खोया और अन्य श्रद्धालुओं से टकरा गई. इसके बाद वहां भगदड़ मच गई.

केरल के गृहमंत्री कोडियेरी बालाकृष्णन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "श्रद्धालुओं को अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है. अधिकतर घायल क्षेत्र के तीन अस्पतालों में भर्ती हैं."

'अधिकतर श्रद्धालु तमिलनाडु से'

केरल के शिक्षा मंत्री एमए बेबी के अनुसार श्रद्धालुओं से भरी जीप शुक्रवार शाम सवा आठ बजे नियंत्रण खोने के बाद भीड़ में घुस गई जिसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे. इसी अफ़रा-तफ़री में कई लोगों की जान गई.

एमए बेबी ने कहा, "हम फ़िलहाल ये नहीं बता सकते कि कितने लोग जीप दुर्घटना में मारे गए और कितने बाद में मची भगदड़ में मारे गए."

शिक्षा मंत्री के अनुसार मारे गए अधिकतर श्रद्धालु तमिलनाडु से थे.

स्थानीय अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि कुछ घायलों को कोट्टायम मेडिकल कॉलेज और तमिलनाडु के थेनी मेडिकल कॉलेज में भी भेजा गया है.

राहत कार्यों में दिक्कत

सबरीमाला के विशेष आयुक्त राजेंद्र नायर के अनुसार श्रद्धालु सबरीमाला में मकरसंक्रम पूजा करने के बाद एक तंग रास्ते से वापस लौट रहे थे.

शुक्रवार को मकरज्योति के दर्शन के बाद क़रीब डेढ़ लाख श्रद्धालु सबरीमाला मंदिर से अपने घरों की ओर लौटे थे.

ये दुर्घटना एक पहाड़ी और घने वनों के इलाक़े में हुई है जिस वजह से राहत कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं.

दस साल पहले मकरज्योति के समय पर ही सबरीमाला के रास्ते में पड़ने वाले एक स्थान पम्पा में भी मची भगदड़ में 50 लोग मारे गए थे.

सहायता

भारत के रक्षामंत्री एके एंटनी ने राज्य को राहत और बचाव कार्यों में मदद करने के लिए सेना की सहायता मुहैया करवाने की पेशकश की है.

'नेशनल डिज़ास्टर रेसपॉन्स फ़ोर्स' की एक टीम भी दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है.

इससे पहले शुक्रवार को सबरीमाला में हज़ारों श्रद्धालुओं ने मकरसंक्रम पूजा में हिस्सा लिया. ये पूजा भगवान अय्यप्पा के दर्शन के लिए दो माह तक चलने वाली यात्रा के अंत में होती है.

श्रद्धालु मकर संक्राति के अवसर पर आसमान में चमकने वाली 'दिव्य रोशनी' मकरज्योति के दर्शन के बाद लौट रहे थे.

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