पेट्रोल की क़ीमतों में बढ़ोतरी का विरोध

पेट्रोल स्टेशन
Image caption विपक्ष ने पेट्रोल की क़ीमतों में बढ़ोतरी का विरोध किया है.

एक महीने के भीतर पेट्रोल की क़ीमतों में दूसरी बढ़ोतरी का विपक्षी दलों ने ज़ोरदार विरोध किया है.

भारतीय जनता पार्टी ने सरकार से बढ़ी हुई क़ीमतों को वापसे लेने को कहा है.

भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने बीबीसी से बातचीत में पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि को लूट क़रार दिया है.

जावड़ेकर ने कहा, "ये केवल क़ीमतों में इज़ाफ़ा नहीं है, ये सरकार द्वारा जनता की लूट है इसलिए इसका कोई समर्थन नहीं हो सकता. तीस रुपए की चीज़ को अगर सरकार ही 70 रुपए में बेचेगी तो इसका कोई अर्थ नहीं."

'जख़्मों पर नमक'

उन्होंने कहा कि जब महंगाई से जूझ रही जनता को राहत की ज़रुरत थी तब सरकार ने लोगों के ज़ख़्मों पर नमक छिड़का है.

वामपंथी पार्टियां भी इस बढ़ोतरी का विरोध कर रही हैं.

सीपीआईएम के नेता सीताराम येचुरी ने इस बढ़ोतरी को लोगों की अजीविका पर कुठारघात क़रार देते हुए कहा,"ये बढ़ोतरी यूपीए सरकार की लोगों की ज़रुरतो के प्रति अनदेखी को दर्शाती है."

सीपीआई ने भी पेट्रोल के मूल्य में बढ़ोतरी का विरोध किया है.

पार्टी के नेता अतुल अंजान ने बीबीसी को बताया, "मनमोहन सिंह महंगाई के सामने रणछोड़ सिंह हैं. इनके राज़ में पिछले दो वर्षों में कई बार पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी के दाम बढ़े हैं. ये अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के नाम पर जनता की हड्डी पर कबड्डी खेली जा रही है."

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