दो गर्भवती कुतियों को निलंबित किया गया

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Image caption छत्तीसगढ़ में नक्सली समस्या से सरकार किस तरह निपट रही है इस बात का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है सरकार ने दो कुतियों को निलंबति कर दिया है.

छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस की सातवीं वाहिनी में पदस्थ दो कुतियों को इसलिए निलंबित कर दिया गया है क्योंकि वे अचानक गर्भवती हो गई हैं.

उनके साथ उनके दो प्रशिक्षकों को भी "कर्तव्यहीनता और अवैधानिक कृत्य" के आरोप में निलंबित कर दिया गया है, साथ ही उनसे कुतियों के गर्भवती होने के बारे में स्पष्टीकरण भी माँगा गया है.

विभाग ने अलग से सीमा और लीज़ा नाम की इन दो लैब्राडोर कुतियों के गर्भवती होने की जांच के आदेश भी दे दिए हैं.

हालांकि दोनों ही प्रशिक्षकों ने अपने आपको बेक़सूर बताते हुए वाहिनी प्रांगण में फैली कुव्यवस्था को इसका ज़िम्मेदार ठहराया है.

उनका कहना है कि जिस जगह कुतियों को रखा गया है वह एक टूटा फूटा दड़बा है. हो सकता है कि कुतियाँ रात में बाहर निकल जाया करती हों या गली के कुत्तों के संपर्क में आ गईं हों.

डॉग स्क्वॉड

सीमा और लीज़ा छत्तीसगढ़ पुलिस के 'डॉग स्क्वॉड' यानी कि कुत्ता वाहिनी की सदस्य हैं जो विस्फोटक और नशीले पदार्थों का पता लगाने में और किसी भी अपराध के अनुसंधान संबंधित पहलुओं में मदद करती रही हैं.

कुत्ता वाहिनी की सदस्यों के लिए ये ज़रूरी है कि वे गर्भवती न हों इसीलिए उनके रखरखाव में ख़ासा ध्यान रखा जाता है और उन्हें दूसरे नर सहयोगियों से दूर रखा जाता है.

लीज़ा और सीमा के गर्भवती होने को विभाग एक बड़ी चूक के रूप में देख रहा है और यही वजह है कि उनके दोनों प्रशिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है.

कुतियों के प्रशिक्षक मोहन गुप्ता कहते हैं कि चूक सिर्फ़ उनकी नहीं है. उनका दावा है कि उन्होंने कुत्तों के रहने वाली जगह के अव्यवस्थित होने की बात आला अधिकारियों के समक्ष बार बार रखी है.

कुत्तों के रहने की व्यवस्था ठीक नहीं है इस बात को बार बार बड़े अधिकारियों को बताया गया, मगर किसी ने एक न सुनी.

पुलिस ग्राउंड की व्यायामशाला के पीछे कुत्तों के रहने का इंतज़ाम किया गया है.

सीमा ने दिसंबर में सात पिल्लों को जन्म दिया जबकि लीज़ा ने दस. इसके बाद इनके प्रशिक्षकों को फ़ौरन निलंबित कर दिया गया.

रायपुर में डॉग स्क्वॉड में पांच कुत्ते हैं.

मोहन गुप्ता कहते हैं, "गर्भवती होने की बात तब सामने आई जब दोनों कुतियों का पेट फूलने लगा और जानवरों के डाक्टर ने एक्सरे करवाया. अब इसमें हमारा क्या दोष है. हमसे कहा गया है कि हमने अवैधानिक कृत्य किया है. इसका हमें बहुत दुख है."

निलंबित किए गए प्रशिक्षकों का कहना है कि दूसरे राज्यों में या फिर अर्धसैनिक बलों के पास जो कुत्ते हैं उनके लिए एक सहायक अलग से नियुक्त किया जाता है. मगर रायपुर में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है और प्रशिक्षकों को ही सब कुछ करना पड़ता है.

इस संबंध में पूछे जाने पर राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने कहा कि वो मामले की जांच पूरी हो जाने के बाद ही कोई आधिकारिक बयान दे सकेंगे.