मोबाइल वही, कंपनी नई

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा की शुरुआत हरियाणा से हुई थी

भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी एमएनपी सेवाओं की शुरुआत गुरुवार से हो रही है.

इसके तहत यदि आप अपनी मौजूदा फ़ोन कंपनी की सेवा से संतुष्ट नहीं हैं तो आप अपना मोबाइल नंबर बदले बिना नई कंपनी के उपभोक्ता बन सकते हैं.

माना जा रहा है कि इस सेवा की शुरुआत के बाद दूरसंचार ऑपरेटरों पर अपनी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का दबाव बढ़ेगा.

क्रांति का एक और अध्याय: पायलट

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल का कहना है, ''ये ग्राहकों के लिए एक बड़ा क़दम है, इससे चयन की सुविधा उपलब्ध होगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. दूरसंचार ऑपरेटर जितनी बेहतर सेवाएँ देंगे, ग्राहक उतने ज्यादा उनकी ओर आकर्षित होंगे.''

वहीं संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट ने इसे भारत की संचार क्रांति का एक और अध्याय बताया है और कहा है कि इससे उन ग्राहकों को एक अवसर मिलेगा कि यदि वे अपने मोबाइल ऑपरेटर से नाराज़ हैं तो उसे बदल सकें.

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवाओं की शुरुआत पिछले साल नवंबर में हरियाणा से हुई थी.

आइडिया और वोडाफ़ोन जैसी कंपनियों ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के मद्देनजर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपना प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है.

माना जा रहा है कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की शुरुआत के साथ प्रतिस्पर्द्धा और बढ़ेगी.

मोबाइल ऑपरेटर अपने ग्राहकों को कायम रखने और दूसरे ऑपरेटर के ग्राहक को अपनी ओर खींचने के लिए अभियान शुरू कर सकते हैं.

कैसे बदले ऑपरेटर

मोबाइल उपभोक्ता 19 रुपये का शुल्क देकर अपने ऑपरेटर बदल सकेंगे.

हालांकि इसकी शुरुआत दिसंबर, 2009 में ही होनी थी, लेकिन इसे कई बार टाला गया.

मोबाइल कंपनियों का कहना था कि इसके लिए उनके पास ज़रूरी बुनियादी ढांचा नहीं है.

Image caption सरकार का कहना है कि इससे मोबाइल कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी

दूरसंचार विभाग के अनुसार इसके लिए आपको 1900 पर एक एसएमएस भेजना होगा.

इसके बाद आपकी मौजूदा कंपनी एक कोड भेजेगी और उसके बाद आप जिस कंपनी के उपभोक्ता बनना चाहते हैं, उसका आप फॉर्म भरेंगे और इसके बाद नई कंपनी आपको सेवाएँ प्रदान करने लगेगी.

यह प्रक्रि‍या एक सप्‍ताह के भीतर पूरी कर ली जाएगी.

भारतीय दूरसंचार वि‍नि‍यामक प्राधि‍करण (ट्राई) ने इसके लि‍ए 19 रुपए का शुल्‍क निर्धारित है.

इसमें आप जीएसएम से सीडीएमए सर्विस में नंबर बदल सकते हैं लेकिन आप एक राज्य से दूसरे राज्य में नंबर नहीं बदल सकेंगे.

क्रांति का एक और अध्याय - पायलट

संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि मोबाइल नंबर बदले बिना ऑपरेटर बदलने की सुविधा देश के संचार क्षेत्र में पिछले दशक से जारी क्रांति का एक अहम अध्याय है.

बीबीसी से बात करते हुए संचार राज्य मंत्री ने कहा इस सुविधा के शुरू होने के बाद किसी भी मोबाइल ऑपरेटर से नाखुश उपभोक्ता के पास चूंकि आपरेटर बदलने का विकल्प मौजूद होगा तो वो उपभोक्ता के हितों की अनदेखी नहीं कर पाएंगें और साथ ही इससे आपरेटरों के बीच प्रतिस्पर्धा में और इज़ाफ़ा होगा.

उनका कहना था कि इससे कॉल्स के दाम और भी कम होंगे.

एक सवाल के जवाब में कि आखिर ऐसी अहम सेवा को लागू किए जाने में इतना विलंब क्यों हुआ, पायलट ने कहा कि सेवा शुरू करने से पहले कई तकनीकी पहलुओं का निपटारा किया जाना था.

उनका कहना है, "मोबाइल सेवा के लिए पूरे देश को 22 सर्किल में बांटा गया था और प्रत्येक सर्किल में पाँच से सात ऑपरेटर काम कर रहे हैं ज़ाहिर है कि इस तरह की सेवा लांच किए जाने के पहले इन सभी के बीच सामंजस्य ज़रूरी था ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो."

भारत में इस समय मोबाइल के 70 करोड़ उपभोक्ता हैं जिसमें हर माह डेढ़ करोड़ से एक करोड़ 80 लाख नए उपभोक्ता जुड़ते हैं.

संचार राज्यमंत्री पायलट ने कहा है कि यही वजह है कि दुनियाँ की बड़ी-बड़ी कंपनियाँ भारत आकर निवेश करना चाहती हैं.

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