अजमेर मामले की सार्वजनिक जांच हो: इंद्रेश

अजमेर धमाका
Image caption अजमेर धमाकों के सिलसिले में इंद्रेश का नाम चार्जशीट में शामिल है

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता और बम धमाकों में लिप्त होने के आरोपों से घिरे इंद्रेश कुमार ने रविवार को दिल्ली में आरएसएस की एक सभा में सरकार को ख़ूब खरी खोटी सुनाई.

आरएसएस की गोष्ठी में मुद्दा तो था- भगवा आतंकवाद- दुष्प्रचार की राजनीति लेकिन इस गोष्ठी में इंद्रेश कुमार ने जमकर केंद्र सरकार को घेरा और राष्ट्रमंडल खेलों में हुए भ्रष्टाचार, चीन के भारतीयों को नत्थी वीज़ा दिए जाने और भाजपा के कश्मीर के लाल चौक पर झड़ा फहराने की योजना पर प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना की.

इंद्रेश ने अजमेर धमाके में सीबीआई के चार्जशीट को लीक किए जाने की निंदा की और कहा कि सरकार इस मामले में मुक़दमा चलाए और वह इसका सामना करने के लिए तैयार हैं.

उनका कहना था जांच सार्वजनिक हो ताकि इस जांच के दायरे में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को भी लाया जा सके.

इंद्रेश का कहना था, ''अजमेर, मालेगांव, मक्का मस्जिद और समझौता कुछ विस्फ़ोट हुए. 2007 में समझौता एक्सप्रेस में धमाका हुआ सरकार ने सिमी पर प्रतिबंध लगा दिया. इसके बाद आगे धमाके हुए उसमें सरकार ने चीख-चीख कर प्रमाण देते हुए कहा कि ये हमले पाकिस्तान और पाक आतंकवादियों ने करवाए हैं. अब सरकार स्वामी असीमानंद के बम धमाके में क़बूलनामे की बात कर रही है.''

चुनौती

उनका कहना था, ''अगर सत्ता में साहस है आप जो इस मामले पर और जो जानकारी लीक हुई है उस पर सार्वजनिक रूप से कार्रवाई करें. जो भी प्रश्न करने है वो सार्वजनिक करें.''

दरअसल असीमानंद ने पूछताछ के दौरान अजमेर समेत पांच अलग-अलग जगहों में हुए धमाकों में इंद्रेश और दूसरे दक्षिणपंथी नेताओं का नाम लिया है.

इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने असीमानंद को 2007 में समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके के मामले में हिरासत में लिया था अब उन पर अजमेर दरगाह में हुए धमाके के सिलसिले में राजस्थान एटीएस पूछताछ कर रही है.

अजमेर धमाकों के सिलसिले में इंद्रेश का नाम चार्जशीट में भी शामिल है.

इंद्रेश के तेवर देखकर लगता है कि वो इस मामले में बैकफ़ुट पर जाने की बजाय केंद्र सरकार का खुलकर चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.

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