जेटली, सुषमा और अनंत कुमार गिरफ्तार

लखनपुर रावी पुल
Image caption बीजेपी के कई समर्थनों के गिरफ्तारी दी है

भारतीय जनता पार्टी के नेता और समर्थक जम्मू के लखनपुर पहुंच गए हैं जहां करीब 400 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

पार्टी ने अपनी एकता यात्रा के तहत जम्मू से सटे माधोपुर में रैली की थी और पैदल जम्मू के लखनपुर के लिए रवाना हुए थे.

एक पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि बीजेपी के कुछ नेताओं को गिरफ़्तार किया है और उनके साथ लगभग 400 कार्यकर्ताओं ने गिरफ़्तारी दी है.

बीजेपी नेता अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा, '' हमे ग़लत तरीके से गिरफ्तार किया गया और हिरासत में रखा गया है. लेकिन हम जम्मू कश्मीर में तिरंगा फहराने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य और केंद्र सरकार ने जो किया है वो अनावश्यक था. आज़ाद हिंदुस्तान में पहली बार तिरंगा फहराने वाले को अपराधी माना जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है.''

पुलिस अधिकारी ने कहा कि बीजेपी के नेताओं अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अन्य बड़े नेताओं को उनकी सुरक्षा को देखते हुए हिरासत में लिया है और माहौल ठीक होते ही उन्हें छोड़ दिया जाएगा.

अभी ये स्पष्ट नहीं है कि बीजेपी नेताओं को कब तक हिरासत से रिहा किया जाएगा.

लोकसभा में बीजेपी की नेता सुषमा स्वराज ने गिरफ्तारी देने के बाद कहा, '' लोग बहुत क्रोधित हैं. जिस तरह से तिरंगा फहराने को लेकर गिरफ्तारी हो रही है वो अनुचित है. हम शांतिपूर्ण तरीके से झंडा फहराने जा रहे थे. अलगाववादियों को सुरक्षा दी जा रही है. ये कैसा सिस्टम है.''

पार्टी की एकता यात्रा को जम्मू-कश्मीर में प्रवेश से रोकने के लिए राज्य प्रशासन ने सीमावर्ती शहर लखनपुर में रावी नदी पर बने पुल को बंद कर दिया था. जैसे ही भाजपा नेता और समर्थक पुल पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेर लिया और धीरे धीरे पुल पार करवाया.

पंजाब का माधोपुर रावी नदी पर बने पुल के ज़रिए जम्मू से जुड़ता है.

पंजाब के शहर माधोपुर और जम्मू-कश्मीर के लखनपुर को जोड़ने वाले रावी नदी पर बने इस पुल का तीन-चौथाई हिस्सा जम्मू-कश्मीर राज्य में है.

पार्टी के नेताओं को रावी नदी के पुल पर या पुल पार करने के बाद गिरफ्तार करने की पूरी संभावना पहले से ही थी. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को ले जाने के लिए 11 बसें पुल के पास खड़ी हैं.

पार्टी के कुछ नेताओं ने हवाई मार्ग से श्रीनगर जाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें भी एयरपोर्ट से वापस कर दिया गया.

अधिकारियों के अनुसार लखनपुर में क़रीब दो हज़ार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि एकता यात्रा का कोई भी सदस्य जम्मू-कश्मीर में प्रवेश ना कर पाए.

'मजमा ग़ैर-क़ानूनी'

Image caption पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले रावी नदी के पुल पर लगा एक बैनर.

पुल के अंत में बैनर लगे हैं जिनपर लिखा था - आपका मजमा ग़ैर-क़ानूनी क़रार दिया गया है. आपको चेतावनी दी जाती है कि आप तुरंत तितर-बितर हो जाएं. अन्यथा आपके ख़िलाफ़ बल का प्रयोग किया जाएगा.

एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें स्पष्ट आदेश हैं कि किसी भी सूरत में इस यात्रा को जम्मू-कश्मीर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

आमतौर पर ये राजमार्ग काफ़ी व्यस्त रहता लेकिन मंगलवार को यहां सन्नाटा छाया हुआ है. केवल मीडिया और सुरक्षाकर्मियों के वाहन खड़े हैं.

उधर जम्मू में भाजपा के कई स्थानीय वरिष्ठ नेताओं को सोमवार शाम से हिरासत में रखा गया है.

इससे पहले अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अनंत कुमार को जम्मू से सोमवार देर रात भारत प्रशासित राज्य जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सीमा पर स्थित शहर माधोपुर ले जाया गया है.

भाजपा के ये तीनों वरिष्ठ नेता सोमवार को हवाई जहाज़ से जम्मू पहुंचे थे लेकिन उन्हें हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया गया था.

धरना

Image caption भाजपा गणतंत्र दिवस के दिन श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराना चाहती है.

अपने शीर्ष नेताओं को जम्मू में प्रवेश ना करने देने के विरोध में पूर्व पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत कई भारतीय जनता पार्टी नेता दिल्ली स्थित राजघाट पर धरने पर बैठे हुए हैं.

उधर पंजाब के शहर माधोपुर और जम्मू-कश्मीर के शहर लखनपुर को जोड़ने वाले पुल पर कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं. क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है.

इससे पहले सोमवार को भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि भाजपा नेताओं को जम्मू में घुसने न देने का फ़ैसला केंद्र सरकार के इशारे पर किया गया.

भाजपा प्रवक्ता का कहना था कि भाजपा का मक़सद 26 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा फहराकर अलगाववादियों को ये संदेश देना है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

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