महाराष्ट्र में अधिकारियों की हड़ताल, केंद्र के उपाय

जयपाल रेड्डी
Image caption जयपाल रेड्डी ने कहा कि सरकार केरोसीन माफिया पर नियंत्रण के लिए उपाय कर रही है.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी का कहना है तेल माफिया पर नियंत्रण के लिए सरकार उपाय कर रही है लेकिन सरकार केरोसीन पर सब्सिडी हटाने का राजनीतिक फ़ैसला नहीं कर सकती है.

उधर महाराष्ट्र में सरकारी अफ़सर यशवंत सोनावने को जान से मार देने की घटना के बाद आज विरोध में राज्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं. सोनावने की हत्या के मामले में अबतक 10 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

रेड्डी का कहना था कि वो सैद्धांतिक रुप से इस बात पर सहमत हैं कि डीज़ल और केरोसीन की क़ीमतें बाज़ार के आधार पर निर्धारित होनी चाहिए ताकि इसकी कालाबाज़ारी रुके लेकिन ये फ़ैसला राजनीतिक रुप से कठिन है.

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के मालेगांव में तेल में मिलावट रोकने की कोशिश के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी की तेल माफ़िया से जुड़े लोगों ने हत्या कर दी है.

इस घटना के बाद पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने दिल्ली में संवाददातओं से बातचीत की.

मंत्री ने महाराष्ट्र में मारे गए अधिकारी यशवंत सोनवने के परिवारजनों को 25 लाख रुपए मुआवजा देने की भी घोषणा की.

यह पूछे जाने पर कि सरकार केरोसीन की कालाबाज़ारी रोकने के लिए क्यों इसका मूल्य निर्धारण पर छोड़ नहीं देती तो उनका कहना था, ‘‘ मैं सैद्धांतिक रुप से सहमत हूं कि अगर केरोसीन की क़ीमतें बाज़ार आधारित हों तो कालाबाज़ारी रुकेगी लेकिन ये फ़ैसला राजनीतिक रुप से कठिन और मुश्किल है. हम दूसरे उपाय कर रहे हैं. जब मैं राजनीतिक कहता हूं तो इसका मतलब समग्रता में लिया जाना चाहिए. देश में बड़ी आबादी है जो बहुत ग़रीब है जिन्हें कम क़ीमत पर केरोसीन मिलना चाहिए.’’

रेड्डी ने केरोसीन की कालाबाज़ारी रोकने के उपायों पर ज़ोर दिया और बताया कि जल्दी ही मार्कर सिस्टम लागू होगा और साथ ही तेल टैंकरों में जीपीएस लगाया जाएगा ताकि ये पता चल सके कि टैंकर कहां जा रहे हैं.

हालांकि पहले तेल टैंकरों में मार्कर सिस्टम होता था लेकिन इससे कालाबाज़ारी रुक नहीं पाई थी.

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Image caption सरकारी अधिकारी यशवंत सोनावने को तेल माफ़िया ने कथित रुप से जला दिया.

मंत्री का कहना था कि इस दिशा में कई उपाय किए जा रहे हैं. तेल टैंकरों की आवाजाही के आकड़ों को अपलोड भी किया जाएगा ताकि उन पर नज़र रखी जा सके.

हड़ताल और गिरफ़्तारी

महाराष्ट्र गैज़ेटेड ऑफ़िसर्स महासंघ के सचिव जीडी कुल्थे ने बीबीसी को बताया कि सोनावने की हत्या के विरोध में क़रीब 15 लाख कर्मचारी हड़ताल पर हैं.

उनका कहना था, ''हम आज दफ़्तर जाएंगे लेकिन काम नहीं करेंगे. हमारी एक मींटिंग हुई जिसमें हमने यशवंत सोनावने को श्रद्धांजली दी. हम खुश हैं कि मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के लिए मुआवज़े की घोषणा की है, लेकिन हम इस विषय पर एक ज्ञापन देंगे जिसमें हम अपराधियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई और सरकारी अफ़सरों को सुरक्षा दिए जाने की मांग करेंगे.''

हड़ताल से राज्य के गाँवों, कस्बों औऱ शहरों के कई दफ़्तरों के काम में असर पड़ने की रिपोर्टें आ रही हैं.

इस मामले में कल से 10 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. छह लोगों को कल अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. तीन लोगों को आज अदालत में पेश किया जाएगा. एक नाबालिग लड़के को जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया जाएगा.

इन सभी पर हत्या, हत्या की कोशिश, दंगा करना और सरकारी काम को रोकने जैसे मामलों से जुड़ी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं.

शिवसेना ने नासिक में बंद का आह्वान किया है, लेकिन अभी तक किसी हिंसा की कोई ख़बर नहीं है. पूरे प्रदेश में तेल में मिलावट और तेल चुराने वाली गैंग पर छापे मारे गए हैं और गिरफ़्तारियाँ हुई हैं.

नासिक के सुप्रिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस मिलिंद धारांबे ने बताया कि वो खुद सुबह से कई छापों में शामिल हैं.

उधर मनमाड, जहाँ ये वाकया हुआ, वहाँ से भी ख़बर है कि कई कॉलेज, दुकानें और दफ़्तर बंद हैं. उधर सोनावने के ड्राईवर कैलाश गौली ने टीवी चैनलों से बातचीत की है और उन्हें बताया कि उन्होंने यशवंत सोनावने को बचाने की कोशिश की लेकिन लोग उनके खुद के पीछे ही पड़ गए थे.

गौली ने माना कि 44-वर्षीय सोनावने को इसलिए जलाया गया क्योंकि वो उन लोगों की तस्वीरें ले रहे थे जो तेल के टैंकर से केरोसीन चुरा रहे थे.

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