मुठभेड़ में नौ माओवादी मारे गए

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Image caption जिस इलाक़े में मुठभेड़ हुई वह माओवादियों के प्रभाव वाला इलाक़ा है

झारखंड पुलिस का कहना है कि गुरुवार की देर रात से शुक्रवार की सुबह तक चली एक मुठभेड़ में नौ माओवादी कार्यकर्ता मारे गए हैं.

बताया जा रहा है कि ये माओवादियों से टूटकर अलग हुआ विद्रोही गुट था.

उनका कहना है कि यह मुठभेड़ सुबह लातेहार ज़िले के लोहुर के जंगलों में हुई.

यह इलाक़ा बेतला राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आता है और यहाँ माओवादियों का बडी़ प्रभाव है. इसी इलाक़े से पिछले साल उन्होंने एक पैसेंजर ट्रेन को अपने कब्ज़े में ले लिया था.

मुठभेड़

बरवाडीह के एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लोहुर के जंगलों में माओवादियों का कोई कैंप चल रहा है.

इस सूचना के आधार पर पुलिस ने इस इलाक़े को चारों ओर से घेर लिया था और इसके बाद माओवादियों की ओर से गोलीबारी शुरु हो गई.

पुलिस का कहना है कि गुरुवार की रात एक बजे से लेकर शुक्रवार की सुबह छह बजे तक चले इस मुठभेड़ में दोनों ओर से हज़ारों राउंड गोलियाँ चलीं.

इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने नौ माओवादियों के शव और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद करने का दावा किया है.

पुलिस का कहना है कि ये कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) से टूट कर अलग हुआ गुट था जिसका नेतृत्व वसंत यादव नाम का कार्यकर्ता करता है.

उनका कहना है कि ये गुट माओवादियों के पैसे लेकर अलग हो गया था और इसने अपने कैंप में माओवादियों के परंपरागत लाल झंडे की जगह काला झंडा फहरा रखा था.

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