आदर्श सोसाइटी घोटाले में सीबीआई के छापे

आदर्श सोसायटी
Image caption करगिल युद्ध लड़ने वालों के लिए प्रस्तावित आदर्श सोसायटी में नौकरशाहों और नेताओं के रिश्तेदारों को फ़्लैट मिले

आदर्श सोसाइटी घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने मुंबई और अन्य स्थानों पर छापे मारे हैं. बीबीसी के साथ बातचीत में सीबीआई ने बताया है कि छापे के दौरान लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को उसने कब्ज़े में लिया है.

साथ ही अधिकारियों ने यह भी बताया है कि पूर्व सूचना आयुक्त रमानंद तिवारी के यहाँ भी छापे चल रहे हैं.

इसके पहले मुंबई हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने शनिवार को इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली थी.

सीबीआई ने इसमें सैन्य अफसरों, रक्षा संपदा अफसर, राज्य के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और कुछ नेताओं के नाम शामिल किए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोकराव चव्हाण का नाम भी एफ़आईआर में शामिल है, पर अभी तक उन्हें अभियुक्त नहीं बनाया गया है.

एफ़आईआर

सीबीआई ने एफ़आईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि उसमें 13 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं.

सीबीआई का कहना है कि एफ़आईआर में कांग्रेस के विधानपरिषद के पूर्व सदस्य कन्हैयालाल गिडवाणी का नाम है.

आदर्श सोसायटी के मुख्य प्रमोटर व सैन्य संपदा अधिकारी आरसीठाकुर, सेवानिवृत्त मेजर जनरल एमएम वांछू और आईएएस अधिकारी प्रदीप व्यास के नाम भी एफ़आईआर में दर्ज किए गए हैं.

इन पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के मामले दर्ज किए गए हैं.

18 जनवरी को सुनवाई के दौरान मुंबई हाईकोर्ट ने सीबीआई को देरी के लिए खिंचाई की थी.

अदालत ने सीबीआई को दो सप्ताह में मामला दर्ज करने के निर्देश भी दिए थे.

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