'बेहतर तालमेल की ज़रुरतः मनमोहन सिंह

पी चिदंबरम
Image caption चिदंबरम ने कहा कि आतंरिक सुरक्षा पर चौकन्ना रहने की ज़रुरत है.

दिल्ली में मुख्यमंत्रियों के साथ आंतरिक सुरक्षा पर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वामपंथी अतिवाद के ख़िलाफ़ जंग में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल का आहवान किया है.

मंगलवार को इस सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वामपंथी अतिवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सुरक्षाबलों को पिछले साल कम नुकसान हुआ है लेकिन इस दौरान नागरिकों की हत्याओं में बढ़ोतरी हुई है.

उन्होंने कहा छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में स्थिति अब भी चिंताजनक है

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "हम सभी को इस तथ्य का अहसास होना चाहिए कि हमारे सामने वामपंथी अतिवाद, सीमा-पार आतंकवाद, धार्मिक कट्टरपंथ और जातीय हिंसा की गंभीर चुनौतियां हैं. "

मनमोहन सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में पूर्वोत्तर भारत में हिंसा की वारदातों में कमी आई है.

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि वामपंथी अतिवाद देश की आंतरिक सुरक्षा को एक बड़ा ख़तरा है.

'घाटी में हालात बेहतर'

उन्होंने कहा कि केंद्र ने वामपंथी अतिवाद से लड़ने के लिए राज्यों को अतिरिक्त सुरक्षाबल मुहैया करवाए हैं.

कश्मीर मामले पर गृहमंत्री का कहना था कि किसी को भी कुछ ऐसा नहीं कहना चाहिए जिससे घाटी के हालात पर बुरा असर पड़े.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सम्मेलन में कहा कि कश्मीर घाटी में भी हालात बदले हैं.

मनमोहन सिंह ने कहा, "घाटी में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद और उसके बाद राज्य सरकार की आठ सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की वजह से हालात सुधरे हैं. वार्ताकारों का समूह भी घाटी में सभी पक्षों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है. "

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा पर नियंत्रण करने का भी आहवान किया.

उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि राज्य सरकारें महिलाओं को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश करेंगी."

'सबसे बड़ी चिंता'

सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता है कि 'कहीं सुरक्षा को लेकर हम ढीले ना पड़ जाएं.'

चिदंबरम ने कहा, "हम कहीं ये ना सोचने लगें कि स्वर्ग में ईश्वर है और दुनिया के साथ सब कुछ सही है. पुणे और वाराणसी की घटनाओं के बाद हमें अपने ढीलेपन से बाहर आना होगा. सिल्दा, दांतेवाड़ा, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और नारायणपुर जैसी घटनाओं से हमें अपने विरोधियों की प्रकृति का पता चलता है."

उन्होने कहा कि सुरक्षा एजेंसियाँ हर दिन देश की सुरक्षा के लिए नए ख़तरों के बारे में जानकारियां जुटा रही हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अभी सबकुछ सामान्य नहीं हुआ है.

चिदंबरम ने कहा कि देश को आंतरिक सुरक्षा की स्थिति से निपटने के लिए निडर और मज़बूत क़दम उठाने होंगे. और हमें ये तुरंत ही करना होगा.

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