लड़कियों की हत्या में चरमपंथियों का हाथ

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Image caption कश्मीर में चरमपंथी घटनाओं का असर सबसे अधिक आम जनता पर ही पड़ता है

भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस का कहना है कि सोपोर शहर में दो लड़कियों की हत्या में अलगाववादी चरमपंथियों का हाथ है.

पुलिस के अनुसार सोपोर ज़िले के मुसलिम पीर गांव के निवासी गुलाम नबी डार के घर तीन चरमपंथी ज़बर्दस्ती घुस गए. इन तीनों चरमपंथियों ने डार के बच्चियों को बंदूक दिखाकर गिरफ़्तार किया और उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ले जाकर गोली मार दी.

इन दोनों बच्चियों की उम्र 20 और 22 वर्ष थी. पुलिस के अनुसार चरमपंथियों को शक था कि ये दोनों लड़कियां भारतीय सुरक्षा बलों की मुखबिर थीं.

पुलिस के अनुसार जो चरमपंथी इस घटना के पीछे थे उनकी पहचान कर ली गई है. ये दोनों चरमपंथी सोपोर के रहने वाले हैं जबकि तीसरा चरमपंथी विदेशी बताया जाता है.

अभी तक किसी चरमपंथी संगठन ने इन हत्याओं की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

पिछले कुछ वर्षों में चरमपंथियों द्वारा आम लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बहुत कम हुई हैं.

कश्मीर में पिछले कई वर्षों से राजनीति कर रहे दल और अलगाववादी पार्टियां लगातार ये मांग करती रही हैं कि कश्मीर से भारतीय सुरक्षा बलों को वापस किया जाए.

लेकिन सेना ने कश्मीर में सैनिक घटाने की किसी संभावना से इंकार कर दिया है.

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