यूपी विधानसभा में हंगामा

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उत्तर प्रदेश में विपक्षी विधायकों ने शुक्रवार को विधान सभा अधिवेशन में काले कपड़े पहनकर सरकार का हंगामेदार विरोध किया. विपक्ष ने काले कपड़े पहनकर सरकार पर भ्रष्टाचार, अपराधियों को बढ़ावा देने और राजा भैया जैसे बेगुनाहों को जेल भेजने का आरोप लगाया.

दूसरी ओर मुख्यमंत्री मायावती ने विपक्ष पर जवाबी हमला करते हुए हल्ला-गुल्ला करने और गुंडा माफ़िया को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

राज्यपाल के भाषण के दौरान शोर शराबा और हंगामा तो आम बात है

लेकिन मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधान सभा के अंदर काले कपडे पहनकर विरोध और हंगामे को नया रूप दे दिया.

राज्यपाल बीएल जोशी ठीक ग्यारह बजे विधान सभा मंडप में दाखिल हुए तो पूरा विपक्ष हाथ में बैनर और तख्तियां लेकर खड़ा हो गया और राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाने लगा.

उनका मुख्य नारा था, 'बलात्कारियों की सरकार नही चलेगी , नही चलेगी.''

हंगामा

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Image caption विपक्षी विधायक पोस्टर लेकर सदन में आए थे.

इनमे से कई तख्तियों पर पूर्व मंत्री राजा भैया को रिहा करने की मांग की गयी. दूसरी तख्तियों में उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला होने और महिलाओं के साथ बलात्कार की बातें लिखी थीं.

कई विपक्षी विधायकों ने कागज़ के गोले बनाकर गवर्नर की तरफ फेंका. मगर सुरक्षा गार्डों ने उन्हें लपक लिया.

इस दौरान मुख्यमंत्री मायावती और सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के विधायक अपनी सीटों पर बैठे रहे.

राज्यपाल ने मुश्किल से दो मिनट में अपने लिखित भाषण के शुरू और अंत के कुछ वाक्य पढ़े और वापस चले गए.

उनके जाते ही मुख्यमंत्री मायावती भी तेजी से निकलीं और पत्रकार वार्ता कर समाजवादी पार्टी पर गुंडा पार्टी होने का आरोप लगाया.

मायावती ने कहा, '' समाजवादी पार्टी राजा भैया गुंडा पार्टी बन चुकी है. ये पहले भी थी. आज और अधिक बन चुकी है. ये गुंडों बदमाशों और माफ़ियाओं की पार्टी है.''

विपक्ष का जवाब

मायावती ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को भी लपेटते हुए आरोप लगाया कि उनके शासन में गुंडों और अपराधियों पर कार्यवाही नही हुई . मायावती ने सफाई दी उनकी सरकार ने अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में अपनी पार्टी के लोगों को भी नही बख्शा है.

फिर चुनौती भरे लहजे में मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता उनकी सरकार से ख़ुश है और अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव में वह फिर विपक्ष को सबक सिखाएंगी.

नेता विरोधी दल शिवपाल यादव ने जवाब में मायावती पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट का आरोप लगाया.

उनका कहना था , ''पूरे उत्तर प्रदेश में गुंडा राज कायम हो गया है. पूरे उत्तर प्रदेश को इस मुख्यमंत्री ने लूट लिया है. आज राज्यपाल महोदय थोथी और झूठी प्रशंसा करने आए हैं. उन्हें नहीं आना चाहिए था.''

दूसरे विपक्षी दलों ने भी माया सरकार पर किसानों की अनदेखी, खाद पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान न देने और मूर्तियों, पार्कों पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया.

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का कहना था कि उत्तर प्रदेश की जनता ने माया सरकार पर विश्वास खो दिया है.

प्रमोद तिवारी ने कहा ''ये ऐसी सरकार का अभिभाषण है जिस पर से जनता का विश्वास उठा चुका है. राज्यपाल के अभिभाषण को मै मानता हूँ कि ये बसपा सरकार का मृत्युपूर्व बयान है.''

विधान सभा के इसी सत्र में माया सरकार अगले वित्तीय वर्ष का बजट और कुछ नए विधेयक पेश करेगी.

सरकार और विपक्ष के तेवर देखकर साफ़ है कि दोनों ने अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव का एजेंडा सेट कर लिया है. इसलिए पूरे सत्र में सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाएगी और विपक्ष उस पर हमले का कोई अवसर नही चूकेगा.

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