फ़ौज की ग़लती से एक मरा

Image caption कश्मीर से फ़ौज हटाने के लिए पिछले दिनों में कई बार प्रदर्शन हुए हैं.

भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय सैनिकों द्वारा चलाई गई गोली में एक युवा की मौत पर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किये हैं.

सेना ने इस मौत पर दुख प्रकट करते हुए कहा है कि व्यक्ति को ग़लती से चरमपंथी समझ लिया गया.

मंज़ूर अहमद मागरे को शुक्रवार की रात को सीमावर्ती नगर हंडवारा से लगे हुए गाँव चोगुल में गोली मारी गई.

उनके परिवार वालों का कहना है कि सैनिकों ने उनको उनके घर से खींच कर बाहर निकाला और फिर उन्हें गोली मारी.

लेकिन श्रीनगर में सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल जे एस बरार का कहना है कि सैनिकों ने चरमपंथियों पर घात लगा कर हमला करना चाहा था लेकिन वो ग़लती से मागरे को आतंकी समझ बैठे.

उनका कहना था रात करीब साढ़े दस बजे सैनिकों ने दो व्यक्तियों को संदेहास्पद ढ़ंग से आगे बढ़ते हुए देखा.

पहले से बनाये गये नियमों का पालन करते हुए सैनिकों ने पहले उन्हें चेतावनी दी और उनसे हथियार डालने के लिये कहा.

दोनों व्यक्तियों ने सेना की चेतावनी पर कोई ध्यान नहीं दिया और अँधेरे का फ़ायदा उठा कर वहाँ से भागने लगे.

इस पर सैनिकों ने गोली चला दी जिससे मंज़ूर अहमद की मौत हो गयी लेकिन दूसरा व्यक्ति बच निकलने में कामयाब हो गया.

सेना के प्रवक्ता का कहना है कि सेना को इस मौत पर दुख है और वो शोकसंतप्त परिवार को अपनी संवेदनाएं पहुँचाना चाहती है.

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