जेपीसी की मांग के साये में सर्वदलीय बैठक

संसद भवन
Image caption शीतकालीन सत्र जेपीसी की मांग की भेंट चढ़ गया था अब बजट सत्र को बचाने की कोशिश की जा रही है.

संसद का बजट सत्र शुरू होने से पहले बुलाई जाने वाली सर्वदलीय बैठक में 2जी स्पेक्ट्रम मामले पर बने गतिरोध को समाप्त करने की कोशिश हो सकती है.

गतिरोध समाप्त करने और आने वाले बजट सत्र को 'बचाने' के लिए सरकार के किसी नए प्रस्ताव के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सोमवार को विपक्ष की मांग के औचित्य पर सवाल उठाया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की ओर से बुलाई गई विपक्षी दलों की एक बैठक में मुखर्जी ने कहा कि जब सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और लोक लेखा समिति 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही तो जेपीसी की क्या ज़रुरत है.

मंगलवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले मुखर्जी ने कहा है कि संयुक्त संसदीय समिति के गठन से 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले पर पहले से ही चल रही जांच का दोहराव होगा.

जेपीसी की मांग को लेकर विपक्ष ने संसद के शीतकालीन सत्र में कार्यवाही नहीं चलने दी थी.

बजट सत्र

उधर सोमवार को ही कांग्रेस के प्रवक्ता शकील अहमद ने एक बार विपक्ष की जेपीसी के गठन की मांग को ख़ारिज कर दिया.

कांग्रेस प्रवक्ता का कहना था,"कुछ और विकल्प हो सकते हैं. हमें आशान्वित रहना चाहिए कि संसद ठीक से कार्यवाही चल सकेगी. आशा है कि सही फ़ैसला लिया जाएगा और सबकुछ दोस्ताना माहौल में सुलझा लिया जाएगा."

लेकिन उधर भाजपा और वामपंथी दल जेपीसी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं.

सोमवार को सीपीएम के संसदीय दल के नेता सीताराम येचुरी ने कहा,"हम चाहते हैं कि संसद में काम हो. लेकिन संसद की कार्यवाही चले या नहीं ये सरकार की ज़िम्मेदारी है."

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की गिरफ़्तारी के बाद कहा था कि राजा के ख़िलाफ़ कार्रवाई से साबित होता है कि उनकी जेपीसी की मांग जायज़ है.

संसद का बजट सत्र 21 फ़रबरी से 21 अप्रैल तक चलेगा.

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