तलवार दंपत्ति पर हत्या का मुक़दमा

राजेश तलवार
Image caption आरुषि के माता-पिता को अदालत ने अभियुक्त माना

नोएडा के चर्चित आरुषि हत्याकांड में राजेश तलवार और नूपुर तलवार को सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से तगड़ा झटका लगा है.

अदालत ने सीबीआई की रिपोर्ट के आधार पर आरुषि के माता-पिता को इस मामले में अभियुक्त माना है.

सीबीआई ने इस मामले को बंद करने के लिए जो रिपोर्ट अदालत में सौंपी थी, अदालत ने इसी रिपोर्ट को आधार मानते हुए यह फ़ैसला किया है.

अब राजेश और नूपुर तलवार के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल किया जाएगा. अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है.

आरुषि को इंसाफ़ मिलना चाहिए

अदालत ने कहा है कि राजेश तलवार और नूपुर तलवार के ख़िलाफ़ जो भी सबूत हैं, वे उनके ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल करने के लिए पर्याप्त हैं.

सीबीआई की विशेष अदालत ने राजेश तलवार और नूपुर तलवार को 28 फरवरी को पेश होने को कहा है.

जज प्रीति सिंह ने सीबीआई रिपोर्ट के आधार पर आरुषि के माता-पिता को 28 फरवरी को अदालत में पेश होने को कहा है. अदालत ने उन्हें हत्या, सबूतों को नष्ट करने, साज़िश और अपराध करने की मंशा का अभियुक्त बनाया है.

अदालत ने राजेश तलवार की उस याचिका को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने सीबीआई की रिपोर्ट को ख़ारिज करने का अनुरोध किया था और मामले की नए सिरे से जाँच कराने की मांग की थी.

सीबीआई के वकील आरके सैनी ने पत्रकारों को बताया, "अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 34 के तहत राजेश तलवार और नूपुर तलवार को अभियुक्त मानते हुए उन्हें 28 फरवरी को अदालत में पेश होने को कहा है."

हालाँकि तलवार परिवार की वकील रेबेका जॉन ने कहा है कि वे सीबीआई की अदालत के फ़ैसले को उच्च अदालत में चुनौती देंगी. उन्होंने कहा कि ये आख़िरी फ़ैसला नहीं है और उन्हें इस अदालत के फ़ैसले को चुनौती देने का अधिकार है.

संदेह

वर्ष 2008 में 15 मई की रात आरुषि की हत्या उनके नोएडा स्थित घर पर कर दी गई थी. अगले दिन उनके नौकर हेमराज का शव घर की छत से मिला था.

आरुषि के माता-पिता से बातचीत

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पहले भी उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरुषि हत्याकांड में उनके पिता राजेश तलवार पर संदेह व्यक्त किया था और उन्हें हिरासत में भी रखा गया था.

सीबीआई ने केस को बंद करते हुए जो रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी, उसमें एक बार फिर राजेश तलवार और नूपुर तलवार की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया गया था.

हालाँकि सीबीआई ने ये भी कहा था कि सबूतों के अभाव में इनलोगों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल नहीं किया गया.

हालाँकि तलवार दंपत्ति ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है. उन्होंने सीबीआई की इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि ये बेबुनियाद आरोप है.

क्या था सीबीआई रिपोर्ट में

सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि आरुषि के सिर पर जो चोट के घाव थे, उसका आकार राजेश तलवार के गोल्फ स्टिक से मिलता-जुलता था.

Image caption आरुषि की हत्या उनके घर में कर दी गई थी

सीबीआई का कहना है कि ये गोल्फ़ स्टिक तलवार दंपत्ति ने गहन पूछताछ के बाद एक साल बाद सौंपी थी. हालाँकि नूपुर तलवार का दावा था कि उन्होंने ख़ुद से ही वो गोल्फ स्टिक सौंपी थी, सीबीआई ने उनसे इसके लिए कुछ नहीं कहा था.

सीबीआई ने ये भी कहा था कि आरुषि के माता-पिता का व्यवहार संदेहास्पद रहा है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में तलवार परिवार के तीनों नौकरों कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल के बारे में कहा है कि तीनों बेकसूर पाए गए.

सीबीआई ने आरुषि हत्याकांड की जाँच जून 2008 में शुरू की थी. अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने यह भी कहा है कि हत्या के दिन रात साढ़े 10 बजे तक सब कुछ सामान्य था, जो वीडियो कैमरा से ली गई कुछ तस्वीरों से पता चलता है. सीबीआई का कहना है कि आरुषि के पिता मध्यरात्रि तक इंटरनेट से उलझे थे.

सीबीआई ने इस तथ्य को भी रेखांकित किया है कि ये असंभव लगता है कि हत्यारे ने हत्या के बाद शव को चादर में लपेटा हो.

रिपोर्ट में इसका भी ज़िक्र है कि घर में किसी ने जबरन प्रवेश नहीं किया था. और तो और आरुषि का कमरा किसी होटल के कमरे की तरह था, जिसे अंदर से या बाहर किसी चाबी से खोला जा सकता है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आरुषि के कमरे की चाबी उनकी माँ के पास थी.

सीबीआई ने यह भी दावा किया है कि तलवार दंपत्ति पर हुए नार्को एनालिसिस और पॉलीग्राफ़ी टेस्ट 'अधूरे' थे.

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