कौन है शाहिद बलवा?

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Image caption शाहिद बलवा ने विनोद गोयनका के साथ मिलकर ज़बर्दस्त प्रगति की है

देश की प्रमुख रियल इस्टेट कंपनी डीबी रिऐल्टी के मैनेजिंग डॉयरेक्टर शाहिद उस्मान बलवा को दो दिनों के ट्रांज़िट रिमांड पर जाँच एजेंसी सीबीआई को दे दिया गया है.

उन्हें सीबीआई दिल्ली ले आई है जहाँ उनसे 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के बारे में पूछताछ की जाएगी.

बलवा की कंपनी डीबी रिऐल्टी ने स्वान टेलीकॉम नाम की कंपनी शुरू की थी जिसने 13 सर्कल्स के स्पेक्ट्रम के लिए 1537 करोड़ रुपए सरकार को दिए, लेकिन कुछ ही समय में कंपनी के 45 प्रतिशत शेयर संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी एटियालसेट को 4500 करोड़ रुपए में बेच दिए.

आरोप है कि इस घोटाले से सरकार को करोड़ों की चपत लगी और कथित तौर पर ये सब पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा की मदद से हुआ. कंपनी का नाम एटियालसेट डीबी टेलीकॉम प्राईवेट लिमिटेड रख दिया गया.

बलवा की गिरफ़्तारी की खबर से मुंबई में रियल एस्टेट कंपनियाँ सकते में हैं.

डीबी रिऐल्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी रिएल इस्टेट कंपनी है. कंपनी की वेबसाईट के मुताबिक उसके पास मुंबई और पुणे में 30 बड़े प्रोजेक्ट हैं जो पूरे होने के विभिन्न चरणों में हैं. वेबसाईट के मुताबिक कंपनी की बाज़ार में कीमत 2.2 अरब अमरीकी डॉलर की है.

गिरफ़्तारी की ख़बर आने के बाद कंपनी के शेयरों के दाम रिकॉर्ड तेज़ी से गिरे हैं.

ज़बर्दस्त प्रगति

शाहिद बलवा के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने कॉलेज में ही पढ़ाई छोड़ दी. उनका परिवार रेस्तराँ कारोबार से जुड़ा है और वो गुजरात से मुंबई आए. मुंबई के मरीन लाइंस में उत्तर भारतीय और चाइनीज़ खाने के लिए मशहूर बलवाज़ रेस्तराँ उन्हीं का है.

कहा जाता है कि उनके दादा, परदादा का कारोबार था हिंदुस्तानी नवाबों के लिए मध्य पूर्व से अच्छे नस्ल के घोड़े मंगवाना.

महाराष्ट्र जैसे राज्य में जहाँ राजनीति और बिल्डर्स के बीच घनिष्ठ संबंध हैं, जहाँ कई राजनीतिज्ञ बिल्डर हैं.

डीबी रिएल्टी पर आरोप लगते रहे हैं कि इसमें महाराष्ट्र के एक बड़े नेता का काफ़ी पैसा लगा है और ये कथित तौर पर उनके फ्रंट के तौर पर काम करती रही है, लेकिन इस बारे में कोई सुबूत सामने नहीं आए हैं. कंपनी भी ऐसे आरोपों से इंकार करती है.

शाहिद बलवा की गिरफ़्तारी के बाद कई हलकों में कहा जा रहा है कि आदर्श और लवासा के बाद निशाना फिर उसी नेता पर है.

डीबी रिएल्टी में शाहिद बलवा के अलावा दूसरा नाम विनोद गोयनका का है. माना जाता है कि राजनीति और राजनीतिज्ञों पर उनकी पकड़ अच्छी है. शाहिद और विनोद करीब 15 साल पहले साथ आए जब उन्होंने होटल ल रॉयल मेरिडियन बनाया जो अभी हिल्टन के नाम से जाना जाता है. प्रोजेक्ट के सफ़ल होने के बाद दोनो ने करीब चार साल पहले डीबी (डायनमिक्स बलवा) रिएल्टी नाम की कंपनी बनाई.

फ़ोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक शाहिद के पास एक अरब डॉलर से ज़्यादा की संपत्ति है. कंपनी की वेबसाईट के मुताबिक पत्रिका फोर्ब्स ने विनोद गोयनका को देश का 49वाँ और शाहिद बलवा को 50वाँ अमीर व्यक्ति बताया है.

लेकिन करीब चार साल में ही इस कंपनी के देश की इतनी बड़ी कंपनी बनने पर सवाल भी उठे हैं. मुंबई में जहाँ पुरानी रिएल एस्टेट कंपनियाँ पीछे छूट गई हैं, नई कंपनियों में लोधा ग्रुप, इंडियाबुल्स और डीबी रिएल्टी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है जिन्होंने बाज़ार को जैसे अपने हाथ में ले लिया है.

हाल ही में डीबी रिएल्टी ने सभी को उस समय अचंभे में डाल दिया जब उन्हें मुंबई के बांद्रा पूर्व में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित करीब 57-एकड़ की सरकारी कॉलोनी को दोबारा विकास करने के अधिकार मिले. मुंबई में अपनी तरह का ये सबसे बड़ी पुर्नविकास योजना थी, खासकर बांद्रा जैसे महंगे इलाके में.

शाहिद और विनोद के बारे में कहा जाता है कि उन्हें ऊँची शानो-शौकत वाली ज़िंदगी बेहद पसंद है. शाहिद अपनी सेहत का बहुत ध्यान रखते हैं. वो शादी-शुदा हैं और उनके दो बच्चे हैं.

उधर कारोबार सूत्रों के मुताबिक शाहिद बलवा की गिरफ़्तारी एक छोटी घटना है और जाँच एजेंसियों का निशाना दरअसल देश की एक बड़ी कंपनी का प्रमुख है जिसकी कंपनी का नाम भी टेलीकॉम घोटाले में लिया जा रहा है.

जब बीबीसी ने इस पूरे मामले बारे में विनोद गोयनका से बात करने की कोशिश की, तो बताया गया कि वो किसी मीटिंग में व्यस्त हैं. उधर डीबी रिएल्टी ने सभी आरोपों से इंकार किया है और कहा है कि कंपनी के काम काज पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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