दार्जीलिंग में हिंसक प्रदर्शन जारी

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हड़ताल और प्रदर्शनों के कारण लगातार तीसरे दिन भी भारत का चर्चित चाय उत्पादक क्षेत्र दार्जीलिंग बंद है.

मंगलवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) और पुलिस की झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी. उसके बाद से ही वहाँ प्रदर्शनों का दौर जारी है.

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा अलग प्रदेश की मांग करता रहा है. वहाँ की तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को वहाँ भेजा गया है.

हड़ताल के कारण सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं चाय बागान. इसी समय चाय बागानों से पत्तियाँ तोड़ने का काम होता है. दार्जीलिंग की घाटियों में देश की सबसे बेहतरीन चाय पत्तियाँ उगाई जाती हैं.

प्रभाव

दार्जीलिंग टी एसोसिएशन के प्रमुख का कहना है कि चाय बागानों पर असर का मतलब है यहाँ की अर्थव्यवस्था पर असर. दार्जीलिंग की 70 फ़ीसदी आय चाय बागानों से आती है. जबकि बाक़ी की कमाई पर्यटन से होती है.

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Image caption चाय बागान पर भी काफ़ी असर पड़ा है

गोरखा जनमुक्ति के आंदोलन के कारण चाय बागानों के साथ-साथ पर्यटन पर भी असर पड़ रहा है. प्रदर्शनों के क्रम में कई सरकारी गेस्ट हाउस और केंद्रीय पर्यटक कार्यालयों को आग लगा दी गई है.

आगजनी और हिंसा के बीच विदेशी पर्यटकों के एक ग्रुप को पुलिस ने किसी तरह इलाक़े से सुरक्षित बाहर निकाला.

अलगाववादी आंदोलन से जुड़े एक नेता ने बीबीसी को बताया है कि उनके समर्थक हिंसा के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन उस समय तक जारी रहेंगे जब तक केंद्र सरकार पुलिस की गोलीबारी की जाँच नहीं शुरू करती.

उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भारत से अलग आज़ादी की मांग नहीं कर रही बल्कि दार्जीलिंग और यहाँ रहने वाले नेपालियों के लिए एक अलग राज्य की मांग कर रही है.

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